भोपाल | न्यूज़ डेस्क | मध्य प्रदेश में शासकीय व्यवस्थाओं का इससे बड़ा मजाक क्या होगा कि प्रदेश की सबसे बड़ी परीक्षा (राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा) के आयोजन में परीक्षा केंद्र के पास उसकी अपनी घड़ी नहीं थी। नतीजा समय पूरा होने से पहले ही उम्मीदवारों से आंसर शीट छीन ली गई। बताने की जरूरत नहीं कि इस तरह की परीक्षाओं में एक-एक मिनट महत्वपूर्ण होता है।
पहले गलत पेपर बांट दिया फिर चेतावनी की घंटी बजते ही आंसरसीट छीन ली
उम्मीदवार हर्षद चौहान ने आयोग में इंदौर में राऊ नगर के मां उमिया स्कूल में बने परीक्षा केंद्र को लेकर शिकायत की। हर्षद के अनुसार उसने रविवार को स्कूल में बने केंद्र पर परीक्षा दी। कमरा नंबर 214 जहां वह परीक्षा दे रहा था। पहले शिक्षकों ने गलत प्रश्नपत्र के सेट बांट दिए। बाद में उसे सुधारने में पांच मिनट बर्बाद कर दिए। परीक्षा समाप्ति के पांच मिनट पहले चेतावनी घंटी बजती है। इस केंद्र पर उस घंटी के बजते ही सभी से कापियां छीन ली गई।
उम्मीदवारों की घड़ी उतरवा लीं थीं, परीक्षा केंद्र में घड़ी नहीं थी
छात्र के अनुसार परीक्षा में किसी भी उम्मीदवार को घड़ी पहनने की अनुमति नहीं थी। साथ ही परीक्षा हाल में भी कोई घड़ी नहीं टांगी गई। बाद में इसकी शिकायत संबंधित केंद्र के शिक्षकों से की तो अलग से 10 मिनट देने की बात कहने लगेे। आयोग पहुंचे छात्र ने कहा कि मुझ जैसे कई छात्रों के पांच से सात जवाब केंद्र की लापरवाही से छूटे हैं। साल-दो साल की मेहनत बर्बाद हो रही है।