बालाघाट | न्यूज़ डेस्क | कृषि विज्ञान केन्द्र, बड़गांव, बालाघाट एवं केन्द्रीय कृषि मशीनरी प्रशिक्षण एवं परीक्षण संस्थान, बुधनी के संयुक्त तत्वाधान में बेरोजगार युवाओं एवं किसानों के लिए कृषि विज्ञान केन्द्र बड़गांव में 02 नवंबर को कृषि मशीनरी प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. आर.एल. राऊत के मार्गदर्शन में शुभारंभ हुआ। प्रशिक्षण 06 नवंबर 2020 तक चलेगा।
इस प्रशिक्षण में भारत सरकार के केन्द्रीय कृषि मशीनरी प्रशिक्षण एवं परीक्षण संस्थान, बुधनी से श्रीमती बिन्दु राहंगडाले, तकनीकी सहायक श्री अनीश मालवीय, वरिष्ठ तकनीशियन एवं ओमप्रकाश दुबे तकनीकी सहायक द्वारा कृषकों के लिए उपयुक्त उपकरणों पर प्रशिक्षण पर प्रशिक्षार्थियों को खेती संबंधित उपकरणों जैसे ट्रेक्टर की देखभाल एवं रख-रखाव, सीडड्रिल का उपयोग, रीपर एवं कृषि में उपयोग आने वाले सभी उपकरणों को संचालित करने एवं उनके कार्यषीलता एवं दक्षता बनी रहें इन पर विस्तारपूर्वक बताया जायेगा। जिससे खेती में यंत्रो संबंधित समस्याओं को दूर किया जा सकें।
इस प्रषिक्षण में केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ. सुनील कुमार जाटव द्वारा इस समय रबी फसल की बुवाई में प्रयोग होने वाली सीडड्रिल का महत्व एवं फसल की उपज में होने उत्पादन की वृद्धि के बारे में बारिकी रूप से जानकारी प्रदान की। सीडड्रिल द्वारा गेहूं, चना एवं अलसी की बुवाई करे जिससे फसलों को बीजों की एक निष्चित दूरी एवं लाईन से बुवाई की जा सकें। उपज में वृद्धि की जा सकें। केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ. बी.के. प्रजापति द्वारा प्रषिक्षार्थियों को इस प्रषिक्षण के बारे में समझाया तथा इस प्रषिक्षण प्राप्त कर स्वयं का कृषि मषीनरी को सुधारने की वर्कषॉप डाल सकता हैं। जिससे स्वयं निर्भर बन सकता हैं और एक रोजगार प्राप्त कर सकता हैं।
इससे पूर्व में भी केन्द्र में ऐसे प्रषिक्षण कार्यक्रम हुये हैं। इनका लाभ लेकर बहुत से लोग वर्कशाप खोलकर स्वयं निर्भर होकर अपना काम कर रहे हैं। इस प्रशिक्षण में 8 ग्रामों के 40 कृषकों ने भाग ले रहे हैं। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में केन्द्र के डॉ. एम.पी. इंगले, धमेन्द्र आगाशे, सुखलाल वास्केल एवं जितेन्द्र मर्सकोले ने भी प्रशिक्षार्थियों को कृषि से संबंधित जानकारी प्रदान की।