150 बच्चों का भविष्य हो रहा बर्बाद, जिम्मेदार अधिकारी नही ले रहे संज्ञान
राजनांदगांव | केजन साहू | वनांचल क्षेत्र मोहला में गौतम टेक्नो इंग्लिश मिडियम स्कूल वर्षो से संचालित हो रहा है, कोरोना महामारी में लॉकडाउन को लेकर स्कूल संचालक और स्टाफ विगत दो वर्ष से लापता है , संचालनकर्ता दीगर राज्य से आकर मोहला में इंग्लिश मीडियम स्कूल संचालित कर रहे थे ।
गौतम टेक्नो स्कूल में लगभग 150 बच्चे शिक्षा ले रहे थे लॉकडाउन के दरमियान स्कूल संचालक शिक्षा विभाग को बिना सूचना दिए अपने निज निवास मणिपुर (इंफाल) चले गए । इस संस्था में दो वर्षों बच्चों शिक्षा के साथ रिजल्ट भी नहीं मिल पाया है,साथ ही स्कूल में पढ़ने वाले 29 गरीब बच्चे जिन्हे शिक्षा के अधिकार के अंतर्गत प्रवेश दिलाया गया था वे विगत दो वर्ष से शिक्षा से वंचित है और शिक्षा पाने भटक रहे है।
इस मामले की जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी राजनांदगांव को विकासखंड शिक्षा अधिकारी के द्वारा अवगत करवाया गया है लेकिन इन बच्चों को किसी भी अन्य स्कूल में विगत दो वर्षो में प्रवेश नही दिलाया गया। अपने कर्तव्यों के प्रति ऐसी घोर लापरवाही शायद पहले राजनांदगांव के इतिहास में कभी देखने और सूनने में नही आया होगा की इतनी संख्या में बच्चों का भविष्य अधर में है और जिला शिक्षा अधिकारी संज्ञान नही ले पा रहे है ।
एक कमरे में चार क्लास, बच्चे कैसे पढ़े पाठ
गौतम टेक्नो इंग्लिश मीडियम स्कूल में तीन कमरा है जहाँ बच्चो को एक कमरे चार क्लास लेकर शिक्षा दी जाती है, मापदंड को लेकर नोडल अधिकारी ने शिक्षा विभाग को अवगत करा चुका है की बच्चों के लिए टॉयलेट,बाथरूम, खेल मैदान से लेकर अन्य सुविधाएं नहीं है फिर भी सालों से यह संस्था संचालित कर रहा है।
सारे मामले की जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी को विकासखंड शिक्षा विभाग द्वारा दिया जाता है पर न जाने क्यों ऐसी संस्था किसके संरक्षण में संचालित होता है। जिले में ऐसी कई प्राइवेट स्कूल है जो बिना मापदंडों के संचालित हो रहा है जिसकी शिकायत नोडल अधिकारी द्वारा विकासखंड शिक्षा विभाग द्वारा दी जाती है जो आज भी बेधड़क संचालित हो रहा है ।
क्रिस्टोपर पाल के कहा ऐसी संस्था पर कार्यवाही हो
छत्तीसगढ़ पेरेंट्स एशोसिएशन अध्यक्ष क्रिस्टोपर पाल ने कहा बच्चों का भविष्य खराब करने वाले स्कूलो पर जांच कर स्कूलों पर कार्यवाही होनी चाहिए और ऐसी संस्था को बंद करना चाहिए, ऐसी स्तिथि में शिक्षा के अधिकार के तहत पढ़ने वाले गरीब बच्चों और अन्य बच्चों को मापदंडों में खरा उतरने वाली अच्छी से अच्छी संस्था में दाखिला कराकर शिक्षा विभाग को बच्चों भविष्य उज्ज्वल कराए । ।