नागपुर । प्रा.विवेक बांबल । बिजली वितरण प्रणाली को अधिक सक्षम करने के लिए सब-सेंटर, बिजली लाइन, ट्रांसफार्मर को एआई के माध्यम से डिजिटलीकरण करने का कार्य महावितरण द्वारा किया जाएगा । इसके लिए महावितरण व ग्लोबल एनर्जी अलायंस फॉर पीपल एंड प्लैनिट (जीईएपीपी) के बीच सामंजस्य करार किया गया है । महावितरण के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक लोकेश चंद्र और कंपनी के उपाध्यक्ष सौरभ कुमार ने करार में हस्ताक्षर किए । 
इस अवसर पर महावितरण के संचालक सचिन तालेवार, योगेश गडकरी तथा कार्यकारी संचालक धनंजय औधेकर उपस्थित थे । लोकेश चंद्र ने कहा कि डिजिटलीकरण से बिजली व्यवस्था के प्रबंधन में अधिक सटीकता आएगी । इससे महावितरण की आर्थिक और बिजली हानि कम होगी और उपभोक्ताओं को त्वरित व गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति की जा सकेगी। साथ ही हरित ऊर्जा के उपयोग और वितरण तंत्र को मजबूत करने में यह बिजली वितरण प्रणाली को सक्षम करने के लिए एआई व मशीन लर्निंग का उपयोग किया जाएगा जिससे वितरण तकनीक प्रबंधन अधिक सटीक बनेगा, बिजली हानि में कमी आएगी । बिजली अपूर्ति की निरंतरता बनाए रखने के लिए रखरखाव मरम्मत भार प्रबंधन और ओवरलोडेड सिस्टम आदि के संबंध में रीयल-टाइम एनालिटिक्स उपलब्ध होंगे । इससे बिजली सेवा और आपूर्ति के लिए तकनीक का प्रबंधन और भी प्रभावी रूप से किया जा सकेगा ।
योजना अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगी । सौरभ कुमार ने कहा कि महावितरण की बिजली प्रणाली का डिजिटलीकरण और उसके माध्यम से मिलने वाले लाभ देश की अन्य बिजली कंपनियों के लिए भी मार्गदर्शक साबित होगा ।