नई दिल्ली | जसविंदर सिंह | सरकार ने Whatsapp , टेलीग्राम, सिग्नल समेत सभी मैसेजिंग ऐप्स के लिए एक्टिव भारतीय सिम अनिवार्य किया है | DoT को 120 दिन में रिपोर्ट जरूरी, नियम न मानने पर कंपनियों पर सख्त कार्रवाई होगी | आदेश में साफ कह दिया गया है कि भारत में Whatsapp, टेलीग्राम, सिग्नल जैसे जितने भी मैसेजिंग ऐप्स चलते हैं, उनके सभी ऑपरेटरों को अब 120 दिन के अंदर दूरसंचार विभाग यानी DoT को अपनी कंप्लायंस रिपोर्ट जमा करनी होगी |
साइबर ठगों को रोकने के लिए सरकार के द्वारा एक बड़ा कदम उठाया गया है, इससे फर्जी विदेशी नंबर से कोई धोखा नहीं दे सकेगा. केंद्र सरकार ने सख्त आदेश जारी कर बताया है कि अब Whatsapp, सिग्नल, टेलीग्राम जैसे सभी मैसेजिंग ऐप्स आपके फोन में लगे एक्टिव भारतीय सिम कार्ड से हमेशा जुड़ी रहेंगी. मतलब सिर्फ वाई-फाई से ये ऐप्स नहीं चलेंगी, फोन में एक्टिव सिम होना जरूरी है वरना ऐप खुलेगी ही नहीं |
DoT ने कहा कि दूरसंचार नंबरों का गलत इस्तेमाल रोकना और पूरे टेलीकॉम सिस्टम को सुरक्षित रखना बहुत जरूरी हो गया है | इसलिए अब साफ आदेश दिया गया है कि जो भी ऐप मोबाइल नंबर से यूजर को पहचानती है या सर्विस देती है, वो तभी चलेगी जब उसी नंबर वाली एक्टिव सिम फोन में लगी हो | बिना उस खास एक्टिव सिम के ऐप इस्तेमाल करना नामुमकिन कर दिया जाएगा | ये नियम सभी ऐप कंपनियों पर लागू है |
सरकार के नए नियम में 90 दिन के अंदर दो बड़े बदलाव करने का फैसला लिया हैं |
पहला – Whatsapp, टेलीग्राम जैसी हर ऐप फोन में उसी नंबर वाली एक्टिव सिम से लगातार जुड़ी रहेगी | अगर वो खास सिम फोन में नहीं लगी या बंद है तो ऐप एकदम नहीं चलेगी, मैसेज न भेज पाएंगे न आएगा |

दूसरा -है कि कंप्यूटर या लैपटॉप पर व्हाट्सऐप वेब, टेलीग्राम वेब इस्तेमाल करते है तो अब हर 6 घंटे में अपने आप लॉगआउट हो जाएगा | फिर QR कोड स्कैन करके आपको दोबारा लॉगइन करना होगा | इससे अगर कोई ठग तुम्हारा वेब सेशन चुरा भी ले तो ज्यादा देर तक नुकसान नहीं कर पाएगा | ये सारे नियम शुरू हो चुके हैं और जब तक दूरसंचार विभाग खुद न बदले, तब तक चलते रहेंगे |