फीस चुकाने में देरी पर उत्तर प्रदेश में बलिया में एक सात साल बच्चे का इस कदर टार्चर किया गया कि वह लकवाग्रस्त हो गया। बच्चे की मां ने इस संबंध में पुलिस में केस दर्ज कराया है
लखनऊ। न्यूज डेस्क । उत्तर प्रदेश के बलिया में एक टीचर की बर्बरता का मामला सामने आया है। आरोप है कि टीचर ने एक सात साल के बच्चे को चार घंटे तक स्कूल में खड़ा रखा। इससे बच्चे अचेत होकर नीचे गिरा और लकवाग्रस्त हो गया। इस संबंध में बच्चे के परिजनों ने पुलिस में आरोपी टीचर समेत स्कूल प्रबंधन के खिलाफ केस दर्ज कराया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल टीचर, प्रिंसिपल और स्कूल प्रबंधक तीनों फरार हैं। मामला रसड़ा कोतवाली क्षेत्र के डीपीएस स्कूल में 27 जनवरी की सुबह का है।
सीओ रसड़ा शिव नारायण वैश ने बताया कि छात्र की मां की तहरीर पर केस दर्ज कर तीनों आरोपियों की तलाश कराई जा रही है। वहीं घटना के संबंध में मौके पर मौजूद अन्य छात्राओं से भी बातचीत की जा रही है। उधर, बच्चे की मां रहीमा खातून ने बताया कि उनका बेटा डीपीएस स्कूल में पहली कक्षा में पढ़ाई करता है। इस बार उन्हें फीस जमा करने में थोड़ी देर हो गई थी। हालांकि उन्होंने टीचर को सूचित कर दिया था कि अगले दो दिन में फीस जमा हो जायेगी । बावजूद इसके 27 जनवरी की सुबह टीचर ने उसके बेटे का ना केवल डांटा, बल्कि हाथ उठाकर पीछे की तरफ खड़ा कर दिया। इस दौरान उनका बेटा रोता रहा, लेकिन टीचर ने रहम नहीं खाया। आखिरकार चार घंटे बाद उनका बेटा अचेत होकर गिर पड़ा।
दूसरे बच्चे उठाकर ले आए घर
रहीमा ने बताया कि उनके बेटे के क्लास में गिरने की सूचना मिलने पर इसी स्कूल में पढ़ने वाले दूसरे बच्चे उसे उठाकर साइकिल पर घर ले आए। इसके बाद आनन फानन में उसे अस्पताल पहुंचाया गया। जहां थोड़ी देर बाद बच्चे को होश आ गया और उसने पूरा घटनाक्रम बताया। इसी दौरान पता चला कि उसका बच्चा अब पैरालासिस का शिकार हो गया है। डॉक्टरों ने बताया कि अब बच्चे का इलाज गोरखपुर या लखनऊ में ही संभव है। इसके बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई।
प्रिंसिपल समेत 3 पर केस
सीओ शिव नारायण बैश ने बताया कि बच्चे के माता-पिता ने तहरीर दी है। वह बच्चे को लेकर थाने आए थे। उनकी तहरीर पर दिल्ली पब्लिक स्कूल के प्रबंधक प्रद्युम्न वर्मा, प्रधानाचार्य सत्येंद्र पाल और टीचर अफसाना के खिलाफ नामजद केस दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि तीनों आरोपी फिलहाल फरार हैं। लेकिन इनकी तलाश में पुलिस टीमों का गठन किया गया है। जल्द ही तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने बच्चे के इलाज के लिए फिलहाल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।