न्यूज़ डेस्क | परीक्षार्थियों के विरोध-प्रदर्शन के बाद रेलवे ने एनटीपीसी और ग्रुप डी (श्रेणी-1) की परीक्षाएं स्थगित कर दीं हैं। रेलवे ने प्रदर्शनकारी परीक्षार्थियों की शिकायतों की जांच के लिए एक समिति बनाई है। ये समिति विरोधी छात्रों की आपत्तियां सुनेगी और इन पर विचार करने के बाद अपनी रिपोर्ट रेल मंत्रालय को सौंपेगी। गौरतलब है कि रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) की नॉन टेक्निकल पॉपुलर कैटेगरी (एनटीपीसी) परीक्षा के रिजल्ट के खिलाफ अभ्यर्थी पिछले तीन दिन से विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे। ये विरोध तब और बढ़ गया जब रेलवे ने सोमवार को ग्रुप डी भर्ती में सीबीटी दो चरणों में लेने की घोषणा की।
प्रवक्ता ने बताया कि रेलवे ने एक समिति भी बनाई है, जो परीक्षाओं में सफल और असफल होने वाले परीक्षार्थियों की आपत्तियों की जांच करेगी। प्रवक्ता के मुताबिक, दोनों पक्षों की शिकायतें और चिंताएं सुनने के बाद समिति रेल मंत्रालय को एक रिपोर्ट सौंपेगी। मंगलवार को रेलवे ने एक नोटिस जारी कर परीक्षार्थियों को चेतावनी दी थी कि प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ सहित अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल लोगों की रेलवे में भर्ती पर हमेशा के लिए पाबंदी लगा दी जाएगी। यह चेतावनी बिहार में कई जगहों पर प्रदर्शनकारी परीक्षार्थियों के रेलवे पटरियों पर धरने पर बैठने के मद्देनजर आई थी।
इससे पहले बिहार और यूपी में दोनों भर्ती परीक्षाओं के अभ्यर्थियों ने जमकर बवाल किया। स्टेशनों पर हंगामा और तोड़फोड़ की। सड़कें जाम कीं। ट्रेन में भी आग लगा दी गई। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी अभ्यर्थियों ने एनटीपीसी रिजल्ट और ग्रुप डी भर्ती में सीबीटी-2 लेने के फैसले के खिलाफ आंदोलन चला रखा है। रेल मंत्री और पीएम मोदी को टैग करके लगातार ट्विटर पर हैश टैग
गुस्साए अभ्यर्थियों ने 26 जनवरी 2022 को एक विशाल आंदोलन करने का ऐलान किया था। रेल रोको आंदोलन को देशव्यापी बनाने के लिए मैसेज को ज्यादा से ज्यादा अभ्यर्थियों के पास भेजा जा रहा था। अभ्यर्थियों ने इस आंदोलन के माध्यम से एनटीपीसी रिजल्ट में संशोधन, आरआरबी ग्रुप डी की परीक्षा से सीबीटी-2 हटाने की मांग और रेलवे भर्ती परीक्षाओं का कैलेंडर जारी करने सहित अन्य मुद्दों पर रेल चक्का जाम करने का फैसला किया था।
आरआरबी एनटीपीसी परीक्षा के रिजल्ट निकालने के तरीके को लेकर भी अभ्यर्थियों में काफी आक्रोश है। इनकी मांग है कि 7 लाख रोल नंबर की बजाय 7 लाख अभ्यर्थियों को पास किया जाए। यानी 20 गुना यूनिक रोल नंबर के साथ रिजल्ट जारी किया जाए।
रिजल्ट में संशोधन की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने सोमवार को पटना में राजेंद्र नगर टर्मिनल पर जमकर बवाल भी काटा। अभ्यर्थियों ने नई दिल्ली-हावड़ा रेल खंड पर करीब आठ घंटे तक ट्रेनों का परिचालन रोके रखा। हालांकि युवाओं के ऐतराज पर रेलवे सफाई दे चुका है। रेलवे भर्ती बोर्ड का कहना है कि कानूनी तौर पर एक अभ्यर्थी को एक से ज्यादा पदों के लिए आवेदन करने से रोका नहीं जा सकता।
रेलवे की सफाई
- कुल वैकेंसी 35,281 हैं। इनमें ग्रेजुएट उम्मीदवार सभी वैकेंसी के लिए योग्य हैं, जबकि 12वीं पास 10,603 वैकेंसी के लिए योग्य हैं।
2- ग्रेजुएट अभ्यर्थियों ने उन 10+2 वाली कैटेगरी को भी चुना है।
3- कानून तौर हम किसी भी उम्मीदवार को एक से अधिक पद की कैटेगरी का चयन करने से नहीं रोक सकते हैं।
4- परीक्षा के नियम और नोटिफिकेशन के मुताबिक हमने हर लेवल में वैकेंसी का 20 गुना चुना है।