वारासिवनी | न्यूज़ डेस्क | जिला खेल एवं कल्याण विभाग एवं महिला बाल विकास परियोजना खैरलांजी द्वारा अपराजिता आत्मरक्षा, मार्शल आर्ट प्रशिक्षण के तहत महिलाओं एवं बालिकाओं के लिए 20 दिनों का ताईक्वांडो प्रशिक्षण शिविर लगाया गया था। जिसमें महिलाओं को सशक्त व आत्मनिर्भर बनाने तथा भयमुक्त सुरक्षित समाज के लिए यह अभियान स्वरूप प्रशिक्षण कार्यक्रम किया गया।
इस प्रशिक्षण के दौरान महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी पुष्पेंद्र रानाडे तथा ब्लॉक युवासमन्वयक दिव्या सौलखे द्वारा बताया गया कि बेटियों एवं बालिकाओं को आगे आकर तथा बढ़-चढ़ कर ऐसे शिविर में भाग लेना चाहिए ताकि वे मुश्किल घड़ी में भी कठिनाइयों का सामना कर सके। सभी बालिकाओं को उनके द्वारा बताया गया कि अपने घरों के आसपास ऐसे बालक बालिकाओं को सिखाते रहे और आत्मनिर्भर बनने के गुण स्वयं भी सीखते रहे।
विद्यालय प्राचार्य ए के यादव ने बालिकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाये समाज का दर्पण है। वर्तमान स्थिति में नारी ने जो साहस का परिचय दिया है वह आश्चर्यजनक है। आज नारी की भागीदारी के बिना कोई भी कार्य पूर्ण नही माना जा रहा है। समाज के हर क्षेत्र में महिलाओं का प्रवेश हो चुका है।
खेल विभाग ब्लॉक समन्वयक दिव्या सौलखे ने बताया कि इस प्रशिक्षण में प्रशिक्षक शैफाली अवसरे ने 40 बालिकाओं को प्रशिक्षण दिया, इस दौरान आत्मसुरक्षा की तकनीकी बालिकाओं को सिखाया, साथ ही ताईक्वांडो प्रतियोगिता करवाई गई, जिसमे 10 प्रतिभाशाली बालिकाओं का चयन भी किया गया तथा सभी बालिकाओं को प्रमाण पत्र देकर समान्नित किया गया। ब्लॉक समन्वयक द्वारा बताया गया कि हमे हमेशा सीखते रहना चाहिए और शासन की योजनाओं का लाभ लेना चाहिए। जिससे हर विद्यार्थी का भविष्य उज्जवल रहेगा तथा शिक्षा के साथ साथ शारीरिक शिक्षा के गुणों की जानकारी होना भी बहुत ज़रूरी है, जिसके माध्यम से बच्चो के शरीर का विकास होता है तथा वह मानसिक रूप से भी स्वस्थ रहता है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने एवं उसके समापन में प्राचार्य ए के यादव, महिला बाल विकास परियोजना अधिकारी पुष्पेंद्र रानाडे, खेल विभाग ब्लॉक समन्वयक दिव्या सौलखे, ताईक्वांडो प्रशिक्षक शैफाली अवसरे का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर पीएल चौरावर, पीएल तुरकर, गीता लिल्हारे, एसके वडिचार, पीएल मेश्राम, खेल प्रशिक्षक ढेकचंद ठाकुर, राजेन्द्र सहारे एवं विद्यालय के समस्त बालिकाएं उपस्थित रही।