नई दिल्ली | आकांशा त्रिपाठी | एक दिन पहले ही केंद्र सरकार ने पीजी काउंसलिंग और प्रवेश प्रक्रिया के संबंध में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के निर्धारण के लिए ₹8 लाख वार्षिक आय सीमा के मौजूदा मानदंड को बरकरार रखने का निर्णय लिया था और कोर्ट इस संबंध में सूचित किया था।
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से पीजी मेडिकल पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए नीट प्रवेश प्रक्रिया में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के आरक्षण से संबंधित मामले की तत्काल सुनवाई करने का अनुरोध किया है। इस अनुरोध पर जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने जल्द सुनवाई शुरू करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि वह मामले की सुनवाई एक-दो दिन में शुरू करने के लिए प्रधान न्यायाधीश एनवी रमण से सलाह लेंगे।
बता दें कि एक दिन पहले ही केंद्र सरकार ने NEET पीजी काउंसलिंग और प्रवेश प्रक्रिया के संबंध में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (EWS) के निर्धारण के लिए ₹8 लाख वार्षिक आय सीमा के मौजूदा मानदंड को बरकरार रखने का निर्णय लिया था और कोर्ट को इस संबंध में सूचित किया था।
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट एक हलफनामा दायर कर बताया था कि ईडब्ल्यूएस आरक्षण मानदंडों के पुनर्मूल्यांकन के लिए सरकार द्वारा गठित एक विशेषज्ञ समिति ने सुझाव दिया कि मौजूदा मानदंडों को इस साल की काउंसलिंग और प्रवेश के लिए तो जारी रखा जा सकता है, जबकि समिति द्वारा सुझाए गए संशोधित मानदंडों को अगले प्रवेश चक्र यानी अगले सत्र से अपनाया जा सकता है।