नई दिल्ली | आकांशा त्रिपाठी | बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की छात्रवृत्ति की साइट सही तरह से नहीं खुल रही है। जिससे छात्र-छात्राएं फार्म जमा नहीं कर पा रहे हैं। कई के फार्म भर गए तो उनमें सुधार नहीं हो पा रहा है। जिससे अभिभावक भी परेशान हैं। ऑनलाइन आवेदन जमा करने की सोमवार को अंतिम दिन था, अब भी छात्रों को उम्मीद है कि शायद सरकार कुछ और दिन दे लेकिन अधिकारियों का कहना है कि अब अंतिम तारीख बढ़ने की संभावना नहीं है।
ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकांश छात्र-छात्राएं ऑन-लाइन फार्म भरने के लिए भटकते रहे। उन्होंने बताया कि आए दिन सर्वर की प्रॉबलम रहती है। कई छात्राओं के बैंक अकाउंट नंबर और शाखा गलत पड़ जाने से फार्म सही नहीं हो पा रहा है। डीएलएड की छात्रा रक्षा गुप्ता ने बताया की फार्म तो भर दिया गया है। लेकिन सुधार नहीं हो पा रहा है। जिससे फार्म को भी लॉक नहीं किया जा सकता? उन्होंने बताया, फीस भी काफी ज्यादा लग चुकी है। सुप्रिया सोनी ने बताया वेबसाइट न चलने से फार्म नहीं भर पा रहे हैं और अंतिम तिथि 25 अक्तूबर कर दी गई थी।
लगातार सरवर बंद या फिर व्यस्त चल रहे हैं। सोनाली गुप्ता ने बताया कि फीस बहुत ज्यादा लग चुकी है। लेकिन स्कॉलर की साइड न चलने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया है काफी दिनों से लगातार फार्म भरने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन फॉर्म फिल नहीं हो पा रहा है।
समीक्षा बैठक में भी उठा सवाल:
रामलुभाई साहनी महिला महाविद्यालय में क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ.संध्या रानी की अध्यक्षता में छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति, सुकन्या योजना आदि शासकीय योजना की समीक्षा बैठक हुई। इसमें छात्रवृत्ति पोर्टल पर फार्म अग्रसारण की सुस्ती पर चिंता जताई गई। बैठक में क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ.संध्यारानी ने सभी प्राचार्य और प्रबंधकों से कहा कि कोई भी छात्र-छात्राएं सुविधाएं से वंचित न रहे। सभी के समय से छात्रवृत्ति आवेदन फार्म पोर्टल पर अग्रसारित हों।
कई दिनों से छात्रवृत्ति पोर्टल कार्य नहीं कर रहा है, जिसके परिणामस्वरूप छात्रों के फॉर्म ऑनलाइन नहीं भर पा रहे है और न महाविद्यालय अग्रसारित कर पा रहे है। वहीं सभी महाविद्यालयों ने शनिवार को जिला समाज कल्याण अधिकारी श्रीप्रकाश पांडेय को अवगत कराया कि अभी प्रवेश प्रक्रिया चल रही है और प्रोफेशनल, सेमेस्टर परीक्षाओं के परीक्षा परिणाम अभी घोषित न होने के कारण छात्र- छात्राओं ने अगली कक्षाओं में प्रवेश नहीं लिया है।
अग्रसारण तिथि आगे बढ़ाई जाए। गन्ना कृषक महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुधीर कुमार शर्मा ने बताया कि पहले लखीमपुर खीरी कांड से इंटरनेट प्रभावित रहा बाद में मौसम खराब हो गया। उप्र स्ववित्तपोषित महाविद्यालय एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. एसपीएस संधू ने समयबद्धता पर काम पूरा होने की बात कही।