December 25, 2020

Join With Us


सिंगल गर्ल्स चाइल्ड स्कॉलरशिप के लिए भटक रही है छात्राएं : अधिकारियों को स्कॉलरशिप के बारे में जानकारी नहीं




रायपुर। रमेश कुमार "रिपु " | इंदिरा गांधी कृषि महा विद्यालय को यह नहीं पता है कि यूनियन ग्रांट कमिशन (यूजीसी) सिंगल गर्ल चाइल्ड स्कॉलरशिप देती है। यदि कोई छात्रा आवेदन करे तो उसके लिए यूनिवर्सिटी को क्या करना होता है,अधिकारियों को पता नहीं है। कई छात्राएं एक माह से चक्कर लगा रही हैं,पर उनकी समस्या का निराकरण नहीं हुआ। स्कॉलरशिप के आवेदन की अंतिम तारीख 30 दिसंबर नियत की गई है।

गौरतलब है कि स्कॉलरशिप का नाम है पोस्ट ग्रेजुएशन इंदिरा गांधी सिंगल गर्ल चाइल्ड स्कॉलरशिप। नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर फॉर्म भरते समय लिखा आता है कि इंदिरा गांधी कृषि महाविद्यालय की केवाईसी कंप्लीट नहीं है। वहां हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करने से पता चलता है कि यूनिवर्सिटी का काम है उनको ऑलरेडी नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल ने निर्देश दिया था कि वह सब अपनी आईडी लॉगिन करके अपनी केवाईसी को अपडेट करें।

इंदिरा गांधी में जब मैंने फोन किया स्कॉलरशिप के बारे में कि आपकी केवाईसी अपडेट नहीं है। नोडल आफिसर लखेरा जी ने कहा कि उन्हें स्कॉलरशिप के बारे में कुछ भी पता नहीं है। फिर मैंने सब कुछ इंफॉर्मेशन निकाल कर उनको सब कुछ बताया कि आपको क्या करना है ।

नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर इंदिरा गांधी कॉलेज की पहले से जो आईडी पासवर्ड थी ,वह कॉलेज में किसी को नहीं पता था ,तो मैंने नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर पूछा कि नई आईडी और पासवर्ड कहां से मिलेगी ,तो उन्होंने मुझे जो बताया और मैंने जो डिटेल निकाली वह लखेरा सर और रजिस्टार से बात की। उन्होंने एक लेटर स्टूडेंट वेलफेयर सोसाइटी को भेजा।

उसके बाद वहां से एक महीना हो गया अभी तक कोई रिप्लाई नहीं आया फॉर्म की लास्ट डेट 30 दिसम्बर 2020 है।

नोडल आफिसर लखेरा सर कहते हैं की रजिस्ट्रार को बोलो कि कोई आदमी वहां भेज कर पूछे कि आप हमें आई डी और पासवर्ड देंगे या नहीं। अभी तक जवाब क्यों नहीं दिया। इससे पता चलेगा कि हमने लेटर सही जगह भेजा या नहीं।

सी पी खरे रजिस्टार सर बोलते हैं कि लखैरा सर जाएंगे तो ही वहां कुछ हो पाएगा ।
जाहिर सी बात है कि छात्राओं को दोनों अधिकारी गुमराह कर रहे हैं और वह स्वयं एक दूसरे से बातें करके समस्या का निदान करने की पहल नहीं कर रहे हैं। किसे लेटर भेजा जाएगा या नहीं भेजा जाएगा, छात्राएं क्या जाने। कायदे से दोनों अधिकारियों को इस मामले में आपस मे बातें करनी चाहिए।

यूनिवर्सिटी को अपनी केवाईसी अपडेट करनी थी, वह भी नहीं कर पाई । यूनिवर्सिटी का काम, बच्चे तो नहीं करेंगे? जाहिर सी बात है कि यूनिवर्सिटी के जवाबदार लोगों की लापरवाही का खामियाजा अब छात्राओं को को ही भुगतना पड़ेगा।



Related Post


+36
°
C
+39°
+29°
New Delhi
Wednesday, 10
See 7-Day Forecast

Advertisement









Get In Touch
Avatar

सोनम कौर भाटिया

प्रधान संपादक

+91 73540 77535

contact@vcannews.com

© Vcannews. All Rights Reserved. Developed by NEETWEE