जिला पंचायत अध्यक्ष एवं जिला पंचायत सी. ओ. पर विशेष लोगो क़ो लाभ देने का लगाया आरोप
एस डी एम हेमेंद्र भुवार्य पर भी लगाये गंभीर आरोप
मोहला- मोहला | केजन साहू | मानपुर विधायक इंद्रशाह मंडावी ने अपने निवास कार्यालय में विशेष पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने जिले में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों पर ठेकेदारी तंत्र, जनप्रतिनिधियों के साथ अधिकारी कर्मचारियों के द्वारा किए जा रहे दुर्व्यवहार को लेकर बड़ा आरोप लगाया है। वहीं जिले के सरपंच संघ के द्वारा किए विशेष ग्राम सभा के बहिष्कार के सम्बन्ध में भी बयान दिया है। विधायक मंडावी ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि जिले का प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह से भ्रष्टाचार में लिप्त है। जिला पंचायत के प्रमुख भारती चंद्राकर एवं जिला पंचायत के अध्यक्ष के द्वारा बाहर से आए हुए ठेकदारों को बाकायदा कमीशन आधार पर काम दिया जा रहा है वहीं स्थानीय निर्माण एजेंसी पंचायत को सीधे चेक के माध्यम से राशि मांगकर अपने चहेतो को करोड़ो का काम दिया जा रहा है। उसी प्रकार जिले की कलेक्टर तूलिका प्रजापति स्वयं भी सीसी रोड और डोम शेड जैसे कार्य सांसद एवं जिला पंचायत के निर्देश पर स्वीकृति कर रही है जिसमें केवल तीस प्रतिशत कार्य कर सत्तर प्रतिशत की राशि स्वयं हजम कर रहे हैं। जबकि जिले में तीस से अधिक स्कूल जर्जर और भवनविहीन स्थिति में संचालित किया जा रहा है वहां शासन और प्रशासन का ध्यान नहीं जा रहा है। 
अभी सरपंचों ने विरोध जताया है, सब मिलकर करेंगे विरोध
विधायक ने कहा कि अभी इसी सप्ताह पूरे जिले के 185 सरपंचों ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं कलेक्टर से अपने मांगो को लेकर मुलाकात करना चाहा जहां उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया है वहीं कलेक्टर ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों से मिलने के लिए भी मना कर दिया जिससे आक्रोशित सरपंचों ने 24 जून के विशेष ग्रामसभा का भी बहिष्कार किया था। जिले में लोक शिक्षण मद से स्वीकृत 282 तथा 181 लाख के प्रार्थना शेड एवं मरम्मत जैसे निर्माण कार्य को ठेकदार के माध्यम से कराए जाने का भी विरोध किया है। जिले के प्रमुख प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा बाकायदा ठेकदारों को लाभ पहुंचाने के लिए सरपंच को चेक मांग लिया जाता है जिससे स्थानीय सरपंच ठगा महसूस कर रहे है। जब सरपंच अपने मांगो को लेकर जिला पंचायत के मु.का. अधिकारी से मुलाकात करते है तो उनसे दुर्व्यवहार किया जाता है। जिले के तमाम प्रमुख अधिकारी महिला होने का अतिरिक्त लाभ ले रहे है। आने वाले दिनों में सामूहिक विरोध के लिए लामबंद सरपंचों के साथ मिलकर शासन प्रशासन का विरोध जताएंगे।
जिले के समस्त जनप्रतिनिधि एवं छोटे कर्मचारी सिस्टम से पीड़ित
विधायक ने सीधे शब्दों में कहा कि जिले में सरपंच, जनपद के अध्यक्ष एवं सदस्य तथा जिला पंचायत के सदस्य भी भाजपा शासन प्रशासन के कार्यप्रणाली से पीड़ित है। केवल जिला पंचायत के अध्यक्ष ही अधिकारियों के साथ साठ-गाँठ करके कार्यों को स्पंदित करवा रही है। इनके अलावा यहां किसी का नहीं सुना जा रहा है जबकि प्रशासन के अधीनस्थ अधिकारियों से सीधे भ्रष्टाचार करवाया जा रहा है जिससे कर्मचारी भी दबाव में कार्य कर रहे है, सारे अधीनस्थ कर्मचारी कलेक्टर के दबाव में उनके राशन के लिए भी राशि इकट्ठा करते है।
अधिकारियों के जुगलबंदी से हो रहा भ्रष्टाचार का खेल
जिले में 288.50 लाख के डोम शेड कार्य में मनमानी एवं भर्राशाही देखने को मिल रही है। अधोसंरचना विकास एवं पर्यावरण उपकर निधि से स्वीकृत डोम शेड निर्माण कार्य का स्वीकृति को मोनू राठी बालोद एवं राजू अग्रवाल गुंडरदेही के ठेकेदार के माध्यम से कराया जा रहा है जिसमें योजना के अनुरूप कार्य नहीं हो रहा है। गलत निर्माण कर राशि बंदरबाट करने का सुनियोजित खेल खेलने का कार्य जिला के अधिकारी सामूहिक रुप से कर रहे है। इसी तरह मुख्यमंत्री समग्र विकास के कार्य को भी ठेकेदार के माध्यम से कराए जाने का आरोप सीधे विधायक ने अधिकारियों पर लगाया है।
जिला पंचायत अध्यक्ष स्वयं फोन करके बोल रही कि मेरे परिचित करेंगे कार्य
विधायक मंडावी ने जिला पंचायत के अध्यक्ष नम्रता सिंह पर भी बड़ा आरोप लगाया है, उन्होंने कहा कि सरपंच साथी बताते है कि स्वयं जिला पंचायत की अध्यक्ष बाकायदा उनको फोन करके स्वयं के परिचित निर्माण कार्य करेंगे करके बोलते है तथा अग्रिम राशि का चेक देने के लिए दबाव बनाते है।