मोहला, मानपुर | केजन साहू | 25 जून 1975 को देश में लगाए गए आपातकाल की बरसी पर बुधवार को मानपुर पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में भाजपा द्वारा प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। प्रेस वार्ता के मुख्य वक्ता तेलघानी बोर्ड छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष जितेंद्र साहू थे। उन्होंने आपातकाल को स्वतंत्र भारत के इतिहास का सबसे अलोकतांत्रिक और काला कालखंड बताते हुए कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया।
जितेंद्र साहू ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अपनी सत्ता खिसकती देख 25 जून 1975 की आधी रात को अनुच्छेद 352 के तहत देश में आपातकाल थोप दिया था। इसके बाद लोकनायक जयप्रकाश नारायण, मोरारजी देसाई, अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी और जॉर्ज फर्नांडिस सहित देश भर के लाखों नेताओं और समाजसेवियों को जेल में डाल दिया गया।
साहू ने कहा कि पंथनिरपेक्षता और समाजवाद जैसे शब्द मूल संविधान में नहीं थे। आपातकाल के दौरान जब न्यायपालिका और संसद को पंगु बना दिया गया था, तब इन शब्दों को चुपके से प्रस्तावना में शामिल किया गया। आपातकाल के दौरान अभिव्यक्ति की आजादी को पूरी तरह कुचल दिया गया था। अखबारों के दफ्तरों की बिजली काट दी गई, 3801 अखबारों को जब्त किया गया और 327 पत्रकारों को मीसा कानून के तहत जेल भेजा गया। कई विदेशी पत्रकारों को भी देश से निष्कासित किया गया।
मुख्य वक्ता ने उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस शासित राज्यों और उसके सहयोगियों वाले प्रदेशों जैसे पश्चिम बंगाल में आज भी असहमति की आवाज दबाई जाती है। छत्तीसगढ़ की तत्कालीन कांग्रेस सरकार में भी ट्वीट रीट्वीट करने पर मुकदमे दर्ज करना और पत्रकारों के खिलाफ पुलिसिया डर दिखाना इसी आपातकाल वाली दमनकारी मानसिकता का प्रतीक है। 1947 में अंग्रेजों से मिली आजादी को कांग्रेस ने 1975 में छीन लिया था। आज हम जिस स्वतंत्र हवा में सांस ले रहे हैं, वह राष्ट्रवादियों और जयप्रकाश नारायण के संघर्षों से कांग्रेस को हराकर मिली दूसरी आजादी है।
उन्होंने देशवासियों को लोकतंत्र विरोधी तत्वों के प्रति सदैव सचेत रहने का आह्वान किया। इस दौरान भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य मदन साहू , मंडल अध्यक्ष प्रकाश मिश्रा, महिला मोर्चा जिला उपाध्यक्ष रेणु ताण्डिया, जिला पंचायत उपाध्यक्ष भोजेश शाह, राधिका अंधारे, हिमांशु देशमुख जिला मीडिया प्रभारी, जिला मंत्री किसान मोर्चा राजहंस मंडावी सहित भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे |