February 12, 2026

Join With Us


राजस्व विभाग का बड़ा फैसला: नक्शे को अनुमति के रूप में जाएगा माना




नागपूर। डॉ विवेक बांबल । कृषि भूमि के आवासीय, वाणिज्यिक या औद्योगिक उपयोग के लिए आवश्यक गैर-कृषि (एनए) अनुमति की शर्त को अब स्थायी रूप से समाप्त कर दिया गया है। राज्य सरकार ने इसके लिए जिला कलेक्टर के अधिकार क्षेत्र को कम करते हुए इसे सीधे स्थानीय निकायों को सौंप दिया है। तदनुसार, नगर नियोजन विभाग और स्थानीय प्राधिकरण द्वारा दी गई निर्माण मानचित्र अनुमति 'एनए' अनुमति के समान होगी। अतः, जिला कलेक्टर से अलग से  बांधकाम अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है। इसके अलावा, राज्य सरकार ने वार्षिक गैर-कृषि कर को समाप्त करके कृषि भूमिधारकों को बड़ी राहत दी है।

अब तक, कृषि भूमि को परती घोषित करने के लिए, भूस्वामी को पहले स्थानीय प्राधिकरण से निर्माण अनुमति हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत करना होता था। उसके बाद, स्थानीय स्वशासन निकाय अंतिम स्वीकृति के लिए प्रस्ताव को जिला कलेक्टर के पास भेजता था। 

नए नियमों के अनुसार, यदि विकास योजना के अनुसार किसी भूमि का उपयोग निर्माण कार्य के लिए प्रस्तावित है, तो योजना प्राधिकरण द्वारा दी गई निर्माण अनुमति को 'गैर-कृषि अनुमति' माना जाएगा। इसके लिए जिला कलेक्टर से अलग से अनुमति लेनी तरह की आवश्यकता नहीं होगी।

 शासन के इस निर्णय से नागरिकों का समय  बचेगा  ऐसे मामलों के लंबित रहने के कारण नागरिकों को बार-बार जिला कलेक्टर कार्यालय जाना पड़ता था।

इस पृष्ठभूमि में, राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देशों के अनुसार, बिना खेती वाली कृषि भूमि के लिए अलग से अनुमति की आवश्यकता को समाप्त कर दिया है। इसके लिए महाराष्ट्र भूमि राजस्व विभाग को कार्रवाई करनी होगी।संहिता में संशोधनों के साथ राजपत्र प्रकाशित किया जा चुका है।

कई बैंक ऋण देते समय गैर-किसान चार्टर पर जोर देते हैं। हालांकि, योजना प्राधिकरण से अनुमति मिलने के बाद बैंकों को चार्टर पर जोर नहीं देना चाहिए। राजस्व विभाग ने जिला कलेक्टरों को निर्देश दिया है कि वे इन आदेशों को सभी बैंकों के संज्ञान में लाएं। 

पुराने बकाया से नागरिकों को राहत

राज्य सरकार ने गैर-कृषि कर बकाया वाले नागरिकों को राहत प्रदान करते हुए, इस संशोधन की तिथि तक बकाया राशि की वसूली से छूट दी है। हालांकि, जिन जमीनों की खेती 2001 से पहले या बाद में बंद हो गई है, उनके मालिकों को इस सरकारी निर्णय की तिथि से एक वर्ष के भीतर निर्धारित दर पर एकमुश्त अधिभार का भुगतान करना होगा।

कृषि संबंधी वह गैर-कर जो प्रतिवर्ष देना पड़ता था, उसे समाप्त कर दिया गया है और उसके स्थान पर निम्नलिखित कर लागू किया गया है ।

भूमि के बाजार मूल्य के अनुसार एकमुश्त 'रूपांतरण अधिभार' किस्तों में लगाया जाएगा। इसके लिए दरें 1,000 वर्ग मीटर तक के क्षेत्रफल के लिए वर्तमान बाजार मूल्य का 0.10 प्रतिशत, 1,001 से 4,000 वर्ग मीटर के बीच के क्षेत्रफल के लिए 0.25 प्रतिशत और 4,000 वर्ग मीटर से अधिक के क्षेत्रफल के लिए वर्तमान बाजार मूल्य का 0.50 प्रतिशत है।




+36
°
C
+39°
+29°
New Delhi
Wednesday, 10
See 7-Day Forecast

Advertisement









Tranding News

Get In Touch
Avatar

सोनम कौर भाटिया

प्रधान संपादक

+91 73540 77535

contact@vcannews.com

© Vcannews. All Rights Reserved. Developed by NEETWEE