मुंबई | न्यूज़ डेस्क | सर्दी और जुकाम हमारे शरीर में होने वाली कुछ ऐसी परेशानियाँ हैं जिनसे हर उम्र के लोग जूझते चले आ रहे हैं। हालाँकि, यह परेशानियाँ बहुत भयावह और खतरनाक तो नहीं होती लेकिन इनकी वजह से किसी व्यक्ति के रोज़मर्रा की गतिविधियों में भारी दिक्कत और व्यवधान पैदा हो सकता है। बहुत से लोग सर्दी और जुकाम से राहत पाने के लिए कुदरती विकल्पों से लेकर ओवर द काउंटर दवाओं का इस्तेमाल करते हैं और घरेलू इलाज इस मामले में काफ़ी असरदार साबित होता है। इस ब्लॉग में हम सर्दी और खाँसी के घरेलू इलाज के तरीकों को जानेंगे। ब्लॉग में इन परेशानियों से राहत पाने के लिए प्राकृतिक तरीकों पर ध्यान दिया जाएगा। इस गाइड की आखिर तक, आप यह जान जाएँगे कि दवाओं के बिना खाँसी और सर्दी को असरदार तरीके से कैसे ठीक किया जाए।
सर्दी और जुकाम को समझना
सर्दी साँस की ऊपर वाली नली में होने वाला एक वायरल संक्रमण है, जो खासतौर से नाक और गले पर असर डालता है। इसमें नाक बंद होती है, छींक आती है, नाक बहती है, गले में खराश होती है और कभी-कभी हल्का बुखार भी होता है। दूसरी ओर, खाँसी एक प्रतिवर्ती क्रिया है जिससे साँस के रास्ते से बलगम, जलन पैदा करने वाले पदार्थ या बाहरी कण साफ़ होते हैं। खाँसी अक्सर सर्दी से जुड़ी होती है, लेकिन एलर्जी या शुष्क हवा जैसे ट्रिगर की वजह से यह अपने आप भी हो सकती है।
खाँसी के प्रकार:
सूखी खाँसी: इस खाँसी में बलगम नहीं आता है। यह अक्सर गले या साँस की नली में जलन की वजह से होती है।
गीली खाँसी: कफ़ वाली खाँसी है जो साँस की नली से बलगम या कफ़ बाहर निकालती है।
खाँसी के प्रकार को समझ लेने से सही घरेलू इलाज के चुनाव में काफ़ी मदद मिलती है और यह ज़रूरी भी है। आइए प्राकृतिक तौर तरीके ढूँढ कर सर्दी और खाँसी के लिए असरदार इलाज देखते हैं।
खाँसी का प्राकृतिक इलाज कैसे करें
1. शहद और गर्म पानी - शहद, खाँसी को कम करने वाला एक कुदरती पदार्थ है जिसमें सुखदायक गुण मौजूद होते हैं। यह गले को परत से ढकने और जलन को कम करने में मदद कर सकता है।
- कैसे इस्तेमाल करें - एक गिलास गर्म पानी या हर्बल चाय में एक चम्मच शहद मिलाएँ। राहत पाने के लिए इस मिक्सचर को दिन में 2-3 बार पिएँ।
2. अदरक की चाय - अदरक में सूजन को कम करने वाले गुण मौजूद होते हैं। अदरक के यह गुण गले की जलन को कम करने और खाँसी को दबाने में मदद करते हैं।
- कैसे इस्तेमाल करें - ताज़े अदरक के टुकड़ों को पानी में 10 मिनट तक उबालें। और ज़्यादा लाभ पाने के लिए इसमें शहद और नींबू का रस मिला लें। इस चाय को दिन में 2-3 बार पिएँ।
3. हल्दी वाला दूध - हल्दी में कर्क्यूमिन नाम का कंपाउंड पाया जाता है। यह कंपाउंड सूजन और जीवाणु को रोकने के लिए जाना जाता है।
- कैसे इस्तेमाल करें - एक गिलास गर्म दूध में एक चम्मच हल्दी पाउडर मिला लें। खाँसी से राहत पाने और बेहतर नींद के लिए सोने से पहले इस मिक्सचर को पिएँ।
4. नमक पानी का गरारा - नमक-पानी से गरारा करने से गले की जलन और खाँसी कम हो सकती है।
- कैसे इस्तेमाल करें - गर्म पानी में आधा चम्मच नमक घोल लें और दिन में कई बार इससे गरारा करें।
5. भाप लेना - भाप लेने से बलगम द्रवित होता है और बलगम जमने की वजह से होने वाली खाँसी में भी राहत मिलती है।
- कैसे इस्तेमाल करें - गर्म पानी में नीलगिरी या पुदीना जैसे आवश्यक तेलों की कुछ बूँदें डालें। अपने सिर को तौलिए से ढकें और 5-10 मिनट तक भाप लें।