कोलकाता। न्यूज डेस्क । पुलिस ने कहा कि मोनोजीत मिश्रा का आपराधिक गतिविधियों से नाता सिर्फ साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज तक ही सीमित नहीं है। उसे पहले भी परिसर के बाहर किए गए हिंसक अपराधों के लिए गिरफ्तार किया जा चुका है और आरोप पत्र दाखिल हुआ था ।
दक्षिण कोलकाता लॉ कॉलेज में 24 वर्षीय कानून की छात्रा से गैंगरेप मामले में कई सबूतों ने पीड़िता के बयानों की पुष्टि की है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पीड़िता के मेडिकल टेस्ट, सीसीटीवी फुटेज, आरोपी के मोबाइल फोन में मिले वीडियो क्लिप और दूसरे सबूत इसकी तस्दीक करते हैं। पीड़िता की मेडिकल जांच 26 जून को हुई, जिसमें उसके गले और सीने पर निशान पाए गए। 28 जून को हुए मेडिको-लीगल टेस्ट में भी यौन उत्पीड़न की संभावना से इनकार नहीं किया गया है। इस मामले में तीन याचिकाएं कोलकाता हाई कोर्ट और एक सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई हैं।
छात्रा ने आरोप लगाया कि कॉलेज के अस्थायी कर्मचारी और तृणमूल कांग्रेस के युवा नेता मोनोजीत मिश्रा ने दो अन्य छात्रों (जैब अहमद और प्रमीत मुखर्जी) के साथ मिलकर दुष्कर्म किया। 25 जून को रात 7:30 से 10:50 बजे के बीच कॉलेज के सिक्योरिटी गार्ड के कमरे में उसके साथ गैंगरेप किया गया। पीड़िता ने बताया कि जब मिश्रा ने उस पर जबरदस्ती की कोशिश की, तो उसे पैनिक अटैक और सांस लेने में तकलीफ हुई। उसने अहमद और मुखर्जी से मदद मांगी और अस्पताल ले जाने की गुहार लगाई लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। इसके बजाय, मिश्रा के कहने पर अहमद ने पास के ईथन फार्मा मेडिकल स्टोर से इनहेलर खरीदा, जिसका पेमेंट यूपीआई से किया गया। पुलिस ने इसकी रसीद जब्त कर ली है।
पहले से रचा गया था पूरा प्लान
पुलिस पूछताछ में अहमद और मुखर्जी ने दावा किया कि मिश्रा ने उन्हें कॉलेज में तृणमूल कांग्रेस की युवा इकाई में अहम पद देने का वादा किया था, बशर्ते वे25 जून को पीड़िता को बहला-फुसलाकर कॉलेज में रोकने में मदद करें। मिश्रा ने यह योजना दो दिन पहले बनाई थी। पीड़िता ने बताया कि उसे तृणमूल कांग्रेस की यूथ यूनिट में गर्ल्स सेक्रेटरी का पद दिया गया था और कॉलेज के बाद चर्चा के लिए रुकने को कहा था। पुलिस ने कॉलेज में शाम 4 बजे के बाद मौजूद 17 लोगों की लिस्ट तैयार की है और जल्द ही उनसे पूछताछ की जाएगी। सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि सिक्योरिटी गार्ड पिनाकी बनर्जी ने पीड़िता की मदद नहीं की और न ही पुलिस या कॉलेज प्रशासन को सूचित किया। बनर्जी ने पूछताछ में दावा किया कि आरोपियों ने उसका मोबाइल फोन छीन लिया और उसे कमरे से बाहर जाने को कहा। फुटेज में दिखा कि वह अपराध के समय कॉलेज परिसर में ही घूम रहा था।