श्रीगंगानगर । न्यूज डेस्क। गुरुद्वारा धन धन बाबा दीप सिंह शहीद, जहां आज मानवता की भलाई में अपना अमूल्य योगदान देने के लिए लोगों का तांता लगा रहा। मौका था रक्तदान शिविर का, जिसके शुरू होने का समय सुबह 9 बजे था, लेकिन यह शिविर लगभग साढ़े सात बजे ही शुरू हो गया, क्योंकि बहुत से लोग इस वजह से पहले ही आ गए कि हो सकता है दिन में समय ना मिले। शाम पांच बजे तक चलने वाला शिविर आठ बजे तक चलता रहा और इस दौरान भी रक्तदान के लिए लोग आते रहे। सर्द मौसम के बावजूद रक्तदान को लेकर लोगों में अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला।
गुरुद्वारा के मुख्य सेवादार और धर्म प्रचार कमेटी राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष तेजेंद्रपाल सिंह टिम्मा ने बताया कि हर साल अमर शहीद चार साहिबजादे, माता गुजर कौर, बाबा दीप सिंह शहीद सहित धर्म और इंसानियत की रक्षा में अपनी जान न्योछावर करने वाले गुरुओं की याद में और मानवता की भलाई के लिए रक्तदान शिविर लगाया जाता है, जिसमें सर्व समाज के लोग बढ़ चढ़कर योगदान देते हैं। टिम्मा ने बताया कि एक अपील की जाती है और मानवता की भलाई में योगदान देने के लिए अतुलनीय दानी सज्जनों का जैसा सैलाब ही उमड़ पड़ता है।
टिम्मा बोले ‘ आप यकीन नहीं करोगे, लेकिन हकीकत यह है कि बहुत से रक्तदानी शिविर में नहीं पहुंच पाए, क्योंकि उन्होंने अपने नजदीकी ब्लड बैंक में रक्तदान किया।टिम्मा ने बताया कि रक्तदान शिविर में रक्त संग्रहण का काम स्वस्तिक ब्लड बैंक और पुरोहित ब्लड बैंक की सेवाभावी टीम ने बखूबी से निभाया। रक्तदाताओं को सम्मानित भी किया गया। पहली बार हुआ कि औरतों में खूनदान कैंप के लिए जबरदस्त उत्साह देखा गया। खून जांच के बाद 139 औरतों में से 86 औरतों ने ही खूनदान किया।
उन्होंने बताया कि इस दौरान सभी दानी सज्जनों ने भविष्य में भी समय समय पर रक्तदान करने का प्रण भी लिया। टिम्मा ने बताया कि.198.... यूनिट रक्तदान हुआ, और.282... यूनिट के लिए लोगों ने नाम लिखवा दिए हैं। टिम्मा ने बताया कि शिविर के सफल आयोजन में सतनाम सिंह लाडा, हरप्रीत सिंह भाटिया बबलू,कुलविंदर सिंह राजू, सुखदेव सिंह पंछी, अमरजीत सिंह शैरी,जसपाल सिंह सेठी,सिफत सिंह, अमनदीप सिंह मन्नू ढिल्लों,हिम्मत शर्मा,प्रमोद जिंदल,पंकज,गुरदीप सिंह प्रिंस,केजिया मणिपुर, दामिनी,बिरमा वर्मा,अरविंदर सिंह शिप्पू,मनमोहन सिंह मन्नी, प्रितपाल सिंह,प्रगट सिंह,वीरेंद्र सिंह,मानक सिंह,दीपक सिंह,परवीन कौर,किरण सहित सेवादारों का अहम योगदान रहा। शिविर के दौरान गुरू का अटूट लंगर चलता रहा।