रीवा। समशेर सिंह गहरवार। मप्र के नये जिले मउगंज क्षेत्र के हनुमना नगर में शरद पूर्णिमा के शुभ अवसर पर स्वांस-दमा अस्थमा इस्नोफीलिया तथा पुरानी खांसी की चमत्कारी दवा लेने पीड़ितों का जनसैलाब उमड़ा। स्वामी माधवाचार्य की तपस्थली रामलीला मैदान में शरद पूर्णिमा के अवसर पर शुरू हुआ दवा वितरण का कार्य दूसरे दिन भी चलता रहा। दवा वितरण कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक प्रदीप पटेल ने बाहर से आए जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि वैद्य जी जैसी विभूति को केंद्र सरकार से पद्म भूषण पुरस्कार मिलना चाहिए ।
इसके लिए हम विवाह सांसद से बात करेंगे। उल्लेखनीय है कि विंध्य के हनुमना नगर में जनसंघ के संस्थापक तथा लोकतंत्र सेनानी प्रख्यात नाड़ी विशेषज्ञ वरिष्ठ भाजपा नेता सरयू प्रसाद वैद्य द्वारा तकरीबन सात दशक से श्वास दमा अस्थमा इस्नोफीलिया एवं पुरानी खांसी की वह चमत्कारिक दवा वितरण का कार्य किया जा रहा है। जिसके एक ही खुराक दवा सेवन और परहेज मात्र से उपरोक्त बीमारियां भगवत कृपा से दूर हो जाती है।
जिसके समर्थन में सैकड़ो लोगों ने हाथ भी उठाये। निशुल्क दवा लेने मध्य प्रदेश ,उत्तर प्रदेश, राजस्थान आदि प्रांतो से चलकर हनुमन पहुंचे। और चमत्कारी दवा का सेवन करते नजर आए । दवा वितरण कार्यक्रम के अध्यक्ष तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के रीवा विभाग संघचालक डॉक्टर रवि प्रताप द्विवेदी ने कहा कि वैद्य जी आयुर्वेद के मर्मज्ञ तथा अद्भुत नाड़ी विशेषज्ञ है। आयुर्वेद जगत में उनकी सेवाएं अद्वितीय है । विशिष्ट अतिथि समाजसेवी विजयपाल सिंह ने कहा कि यह मांग कई वर्षों से हम लोग उठाते आ रहे हैं कि वैद्य जी को पद्म भूषण मिलना चाहिए। आयुर्वेद ही जगत में एक ऐसी चिकित्सा पद्धति है ।
जो रुपेण मानव शरीर के रोगों को समूल नष्ट कर पुनः स्वस्थ्य शरीर प्रदान करती है क्योंकि रोग पाचन क्रिया आयुर्वेद में ही है विश्व की अन्य चिकित्सा पद्धति में नहीं। कार्यक्रम को अन्य लोगों ने भी अपने-अपने ढंग से संबोधित किया। जीनमें में प्रमुख रूप कांग्रेस नेता तथा समाजसेवी केशव गुप्ता , वैद्या संपत दास गुप्ता, आयोजक रामानुज आयुर्वेदिक औषधालय परिवार के लोगों ने संबोधित किया। दवा वितरण कार्यक्रम में केसरी जनार्दन दास गुप्त, सुमित गुप्त ,भरतजी केसरी, पंकज तिवारी ,कमलनयन द्विवेदी ,लव कुश गुप्ता, रोहित केसरी, संजू केसरी ,जनार्दन दासगुप्त ,विष्णु दास गुप्त ,नारायण दास केसरी, बालकृष्ण गुप्ता। नरेंद्र कुमार गुप्त, श्रीमती अनीता केसरी ,ज्योति केसरी, बबलू केसरी, सचिन केसरी, अमित केसरी आदि की सराहनीय भूमिका रही।
दूसरे दिन भी दवा लेने वालों का लगा रहा तांता
दूसरे दिन भी शरद पूर्णिमा शाम 5:22 तक होने के कारण अज्ञानता बस लोग दूसरे दिन भी उक्त चमत्कारिक दवा लेने के लिए श्री रामानुज आयुर्वेदिक औषधालय में देर शाम तक आते रहे। उन सभी को भी श्री वैद्य द्वारा चमत्कारी दवा उपलब्ध कराई गई।