रीवा। शमशेर सिंह गहरवार। मध्य प्रदेश के नवीन जिले मऊगंज के मिर्जापुर जिले से लगी सीमा पर स्थित हनुमना के रामानुज आयुर्वेदिक औषधालय द्वारा हर वर्षों की भांति इस वर्ष भी श्वास दमा अस्थमा इस्नोफीलिया तथा पुरानी खांसी की वह चमत्कारिक दवा शरद पूर्णिमा की रात बांटेंगे। मान्यता है कि जिसके एक ही खुराक दवा सेवन और परहेज मात्र से उपरोक्त बीमारियां भगवत कृपा से दूर हो जाती है ।
जिसे लेने देश के अनेक प्रांतो से प्रतिवर्ष भारी मात्रा में लोग हनुमना पहुंचते हैं। इस वर्ष भी 16 अक्टूबर24 शरद पूर्णिमा के अवसर पर निशुल्क वितरित की जाएगी। जानकारी देते हुए व्यवस्थापक संपत दास ने बताया कि यह दवा विंध्य में जनसंघ के संस्थापक तथा लोकतंत्र सेनानी प्रख्यात नाड़ी विशेषज्ञ वरिष्ठ भाजपा नेता सरयू प्रसाद वैद्य को उनके सदगुरुदेव श्रीमदजगद्गुरु रामानुज संप्रदायाचार्य अनंत विभूषित पूज्यपद बैकुंठवासी स्वामी माधवाचार्ये महाराज ने पीड़ित मानवता की सेवार्थ प्रसाद स्वरूप उन्हें दिया था। जिसे वे अनवरत 7 दशक से निशुल्क वितरित करते चले आ रहे हैं।
जिसे प्राप्त करने के लिए देश के अनेक प्रांतो से प्रतिवर्ष हजारों रोगी हनुमना की पवित्र धरती पर पहुंचकर उपरोक्त दवा प्राप्त कर स्वांस दमा अस्थमा इस्नोफीलिया एवं पुरानी खांसी जैसी भयंकर बीमारी से छुटकारा प्राप्त करते हैं। इसके अतिरिक्त प्रख्यात नाड़ी विशेषज्ञ 92वर्षीय सरयू प्रसाद वैद्य लकवा पोलियो साइटिका गठियावात मिर्गी बांझपन, पथरी को शीघ्र गला कर गिरा देने आदि जैसी कठिन व असाध्य रोगो की चिकित्सा में पूर्ण सिद्ध है।
जिन्होंने हजारों हजार निराशापूर्ण रोगियों के जीवन में अपनी चिकित्सा के माध्यम से स्वास्थ्य लाभ देकर नया जीवन प्रदान कर यह सिद्ध कर दिया है । माना जाता है कि"आयुर्वेद ही जगत में एक ऐसी चिकित्सा पद्धति है जो पूर्ण रूपेण मानव शरीर के रोगों को समूल नष्ट करता है । स्वास्थ्य संजीव शरीर प्रदान करती है। क्योंकि रोग पाचन क्रिया आयुर्वेद में ही है विश्व के अन्य चिकित्सा पद्धति में नहीं।