नागपुर। अब्दुल अमानी कुरैशी। इन दिनों जिले में डेंगू ने पैर पसार रखा है. कामठी रामटेक के साथ ही नागपुर में डेंगू की वजह से मौतें हो रही हैं. इस बीच पश्चिम नागपुर के प्रभाग क्रमांक- 11 योगेंद्र नगर में 18 वर्षीय मेहुल विकास पुरकाम की डेंगू से मौत हो गई. उसका इलाज मानकापुर स्थित एक निजी अस्पताल में पिछले 4 दिनों से चल रहा था. मेहुल को बुखार सिरदर्द, बदन दर्द और पेट दर्द की शिकायत थी. मंगलवार को तड़के इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई. युवक की मृत्यु से परिवार व पड़ोसी गहरे सदमे में हैं. नागरिकों ने बताया कि योगेंद्र नगर में डेंगू का प्रकोप फैला हुआ हैं।
.. भयभीत न हो डॉक्टर को दिखाएं
डेंगू को लेकर शहर की कई बस्तियों में हाहाकार मचा हुआ है. दक्षिण नागपुर के दिघोरी, गारगोटी, हुडकेश्वर, मानेवाड़ा सहित अन्य वस्तियों में मरीज मिल रहे हैं. वहीं उत्तर नागपुर की भी कई बस्तियों में वायरल इंफेक्शन के मरीज मिले हैं. जुकाम से शुरू होने वाली बीमारी कुछ ही दिनों में कमजोर बना देती है. रक्त में प्लेटलेट्स की कमी होने से मामला गंभीर हो सकता है. डॉक्टरों का कहना है कि यदि 3 दिनों तक जुकाम कम न हो तो फिर रक्त की जांच कराना उचित हो सकता है।
18वर्षीय नवयूवक की डेंगू टेस्ट पॉजिटिव पाई गई. स्थानीय नागरिक चेतन ने बताया कि कुछ दिनों पूर्व मेन रोड पर दवाई का छिड़काव किया गया था. मनपा की ओर से दावे तो किए जा रहे हैं कि शहर में हर जगह आशा कार्यकर्ताओं द्वारा सर्वेक्षण किया जा रहा है और जहां मरीज पाए जाएगे वहां विशेष तौर पर गंभीरता से ध्यान देकर दवाई का छिड़काव भी किया जाएगा ।मरीज के मिलने से नागरिकों की चिंता बढ गयी है।
खासतौर पर यह बीमारी कुछ और ही है, नागरिक संजू बच्चों को होने के कारण अभिभावकों गोतमारे ने बताया कि यदि प्रशासन में दहशत का वातावरण है. फिलहाल दवा छिड़काव, फागिंग मशीन और योगेंद्र नगर में रियल जिम के पास साफ सफाई पर ध्यान देता तो यह से अधिक मरीज डेंगू से जूझ रहे हैं. घटना नहीं होती। ।