नागपुर। अब्दुल अमानी कुरैशी। शहर के महल, मंगलवारी, बुधवारी सहित मध्य नागपुर के कई इलाके और खासकर नालों के पास वाली बस्तियों मे मच्छरों के पनपने से बिमारियां फैल रही है। इस समय नागपुर निगम का कोई माई-बाप न होने की वजह से अधिकारी-कर्मचारी मनमानी पर उतर गए है।
महीनों बीत गये, मनपा के स्वास्थ्य विभाग की ओर से फागिंग मशीन का धुआं मोहल्लो मे छोड़ा नहीं गया, फलस्वरूप मच्छरों के प्रकोप से रात की नींद -चैन हराम हो गयी है।
हत्तीरोग , मलेरिया व डेगुविभाग बीमारियों से निपटने हेतू निवारण संबंधी कोई भी कार्य नहीं कर रहा है।
नागरिक नालों से बहती गंदगी, गटर के खुले ढक्कन और बढ़ते मछरों से परेशान हैं। यहां रह रहे लोगों ने कई बार महानगर पालिका में इस बात की शिकायत की है किंतु अभी भी एनएमसी इसे लगातार नजरअंदाज कर रही है। नागरिकों का कहना है कि इससे उन्हें डेंगू या मलेरिया जैसी बीमारी होने का बड़ा खतरा है। एक स्थानीय नागरिक ने बताया कि उसकी बहन फिलहाल डेंगू से ग्रसित हैं। उनके दादा की भी डेंगू के कारण ही मृत्यु हुई थी। इलाके में (साफ-सफाई) केवल नाममात्र है। हमें डर है कि बाकी लोग भी न बीमार होने लने लगें। नागरिकों का कहना है कि उन्होंने कई बार महानगर पालिका से इसकी शिकायत की है। एनएमसी के साथ-साथ स्थानीय निवासियों ने स्वास्थ्य अधिकारी के पास भी लिखित कंप्लेंट दर्ज कराई है किन्तु कोई एक्शन नहीं लिया गया है। इलाके के हर परिसर में लगातार झाड़ियां बढ़ रही हैं। इसी वजह से यहां किट-मच्छर भी पनप रहे हैं।
निवासियों का कहना है कि वह पिछले दो सालोंसे इसकी शिकायत कर रहे हैं. और यहां सफाई होने का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन फिर भी नगर निगम कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। खुले गटर, झाड, जंगल और बहती नाली के कारण यहां के स्थानीय लोगों को बहुत कष्ट झेलने पड़ रहे हैं। स्वास्थ्य संबंधी चिंता के कारण निवसियों का बुराहाल है।