नागपुर। अब्दुल अमानी कुरैशी। मौसम में आए बदलाव के कारण अरिंज सिटी में इन दिनों वायरस और बैक्टीरियल इंफेक्शन के कारण आई फ्लू का प्रकोप काफी अधिक बढ़ गया है। हर घर में लेकर बुजुर्ग तक चपेट में आ रहे हैं।

दवा मार्केट में भी आई ड्रॉप का कारोबार जमकर हो रहा है जहां एक हफ्ते पहले प्रतिदिन करीब 2 से 2.50 लाख आई तक की बिक्री हो रही थी। यहाँ अब इसकी बिक्री दोगुनी चौगुनी बढ़ गई है। इसके चलते कारोबार भी काफी अधिक बढ़ गया है। कारोबार तो यह गया है लेकिन डिमांड अधिक होने से इसकी ति भी बढ़ चुकी है। शहर की कई दुकानों में आई ड्रॉप खत्म होने की वजह से लोगों को इधर से उधर भटकना पड़ रहा है ।
बस्तियों के दवारखानों में भी भीड़
'बड़े अस्पतालों के साथ बस्तियों के छोटे- छोटे दवाखानों में भी आई फ्लू वाले मरीजों की भीड़ देखी जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार अगर आखें लाल हो, उनमें दर्द, जलन, खुजली जैसे लक्षण नहीं है तो साधा पाला जा सकता है। वहीं आंखों में दर्द, जलन, सूजन, खून आना, पानी गिरा, पलकों पर सूजन व खुजली होना, पलकों का चिपकता जैसे लक्षण है तो एक से अधिक एंटीबायोटिक देनी पड़ती है। आई फ्लू बढ़ने से सन ग्लासेज और ब्लैक चरने की डिमांड
नहीं मिल रही आई एप्लीकैप
दवा दुकानों में दूध के साथ आई एसी की भी शॉर्टिज देखी रही है। जिस घर में आई फ्लू नहीं भी आया है, वहां पर पहले से ही और एप्लीके का इंतजाम करके रख लिया गया है। इस समय प्रोडक्शन से अधिक इनकी मांग देखी जा रही है। वहीं निजी और सरकारी हॉस्पिटल्स में इसके रोज सैकड़ों मामले आ रहे हैं। इसमें यह भी देखा जा रहा है कि एक बार आई पलू ठीक होने के बाद दूसरी-तीसरी बार भी यह बढ़ गई है