नागपुर। अब्दुलअमानी कुरैशी । शहर और जिले में 'कंजंक्टिवाइटिस' फैल गया है. इस संक्रमण के फैलने का सबसे बड़ा जरिया स्कूल हैं. अधिकांश घरों में विद्यार्थियों की आंखें सबसे पहले संक्रमित होती हैं और घर का हर सदस्य संक्रमित हो जाता है. आई ड्रॉप के कारण छात्र स्कूल नहीं जा रहे हैं, वहीं अभिभावकों को भी ऑफिस से छुट्टी लेना पड़ रहा है. शहर के कुछ स्कूलों की समीक्षा की गई तो पता चला कि छात्रों की उपस्थिति 40 प्रतिशत तक कम हो गई है.
वातावरण में बदलाव के कारण नागपुर में कंजंक्टिवाइटिस यानी खांसी के बाद होने वाला सर्दी- जुकाम फैल गया है. मेडिकल के नेत्र रोग विभाग, मेयो सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ नेत्र रोग विशेषज्ञों और सामान्य चिकित्सकों के पास आने वाले 25 प्रतिशत रोगियों में कंजेक्टिवाइटिस पाया जा रहा है. कलेक्टर, जिला स्वास्थ्य अधिकारी, महानगरपालिका स्वास्थ्य प्रणाली से एहतियाती कदम उठाने का अनुरोध किया गया है. यह 4 दिन की बीमारी है. अगर समय पर इलाज किया जाए तो इसे नियंत्रित किया जा सकता इस संक्रमण का प्रसार स्कूल से लेकर विद्यार्थियों तक बढ़ रहा है. छात्रों के साथ-साथ शिक्षक भी संक्रमित हो रहे हैं और शिक्षकों और छात्रों की अनुपस्थिति की संख्या बढ़ सकती है।
कंजंक्टिवाइटिस वातावरण में परिवर्तन के कारण सूक्ष्मजीवों द्वारा फैलने वाला संक्रमण है. छात्रों में इस संक्रमण के बड़े पैमाने पर फैलने के पीछे का कारण छात्रों का एक-दूसरे से सटकर बैठना है. वे एक-दूसरे की स्कूल सामग्री को छूते हैं. वे एक साथ टिफिन खाते हैं और बीमारी की ज्यादा परवाह नहीं करते. विद्यार्थियों के कारण यह बीमारी घरों में फैल रही है.
- डॉ. अनिल लांडगे, जनरल फिजिशियन ने कहा कि,कंजंक्टिवाइटिस का असर बढ़ गया है. स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति 60 फीसदी हो गई है. । समाजसेवी राशिद काजी ने प्रशासन से मांग की है किविद्यार्थियों के कारण यह घर-घर फैल रहा है. इस प्रकोप को रोकने के लिए जिला प्रशासन को कम से कम 4 दिन की छुट्टियां घोषित करनी चाहिए ताकि इसकी गंभीरता को कम किया जा सके.।