हवा इतनी ज्यादा जहरीली हो गई है, कि लोगों का दम घुटने लगा है और हालात ऐसे हैं मानों लॉकडाउन लगा हो। प्रशासन और सरकार कोशिश कर रही हैं कि हालात बदलें, लेकिन कोई भी यह दावे के साथ नहीं कह पा रहा कि यहां कब सामान्य स्थिति बन पाएगी? लोगों को घरों में ही रहने को कहा गया है, साथ ही जोर दिया जा रहा है कि घरों की विंडों न खोंले
नई दिल्ली। आकांक्षा त्रिपाठी । भारत के एक शहर में हवा में मौत तैर रही है। प्रशासन और सरकार ने लोगों से आग्रह किया है कि घरों की खिड़की न खोलें। घरों में अंदर रहने की सलाह दी गई है। लोगों से कहा गया है कि मास्क लगाएं और घरों से बाहर न निकलें। मामला केरल के कोच्चि शहर का है, जहां 110 एकड़ वाले कचरा प्लांट में बीते 7 दिनों से आग सुलग रही है। यहां नौसेना और वायु सेना की मदद से एक बार आग पर काबू पा लिया गया था, लेकिन अब हालात बेकाबू हो गए हैं। सैकड़ों लोग, कोच्चि कार्पोरेशन के कर्मचारी और आसपास के अन्य सरकारी कर्मचारी, दमकल कर्मी आग बुझाने के लिए जुटे हुए हैं। हालांकि अभी कोई भी यह कहने की स्थिति में नहीं है कि यह बता सके कि इस आग पर कब तक काबू पा लिया जाएगा। इधर, कचरे में जल रहे प्लास्टिक के कारण हवा जहरीली हो गई है और लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है।
कोच्चि के ब्रह्मपुरम में स्थित कचरा प्लांट के करीब रहने वाले लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। उन्होंने कहा कि हम जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर हैं। यहां तो लॉकडाउन जैसी स्थिति हो गई है। लोगों को मास्क लगाना पड़ रहा है तो घरों के बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। प्रशासन के कारण लोगों को घरों में रहना पड़ रहा है और दरवाजे और खिड़कियां बंद हैं। सभी लोग घर के अंदर रह रहे हैं जैसा कि उन्हें सलाह दी गई है। लेकिन ऐसे हालात में छोटे बच्चों और बुजुर्गों वाले घरों में ज्यादा कठिनाई हो रही है। बच्चे घर के बाहर नहीं जा पा रहे। जबकि बुजुर्गों को सांस की परेशानी, गले में खराश, चक्कर आने जैसी समस्या हो रही है। प्लास्टिक जलने के बाद भी जहरीली हवा के कारण पूरा इलाका दमघोंटू हवा से भरा हुआ है।
धुएं ने रोकी रफ्तार, लोगों घरों में, स्कूलों में लगे ताले
प्रशासन ने शुक्रवार तक स्कूलों और अन्य शिक्षण संस्थानों को बंद करने का फैसला किया है। लोगों को भी घरों में रहने और बहुत ज्यादा जरूरत पड़ने पर ही बाहर निकलने को कहा है। इधर, लोगों का कहना है कि बच्चे को खांसी की शिकायत सामने आ रही है तो बुजुर्गों को चक्कर आ रहे हैं। हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने कई इलाकों में हेल्थ कैंप लगाएं हैं और लोगों को दवाएं दे रहे हैं। किसी भी तरह की मेडिकल इमरजेंसी में मदद के लिए स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों की व्यवस्था की गई है।
लंबे समय तक रहेगा असर, श्वसन संबंधी रोग और समस्या बढ़ेगी
जानकारों का कहना है कि इस जहरीली हवा और वायु प्रदूषण का असर लंबे समय तक रह सकता है। इससे कचरा प्लांट के आसपास के रहवासियों की परेशानी बढ़ सकती है। यह पूछे जाने पर कि आग पूरी तरह कब बुझेगी, अधिकारियों ने कहा, इस समय भविष्यवाणी करना संभव नहीं है। कोच्चि के मेयर अनिल कुमार ने कहा, ‘हम कोई निश्चित तारीख नहीं दे सकते। मौसम सहित कई कारकों का विश्लेषण करने की जरूरत है।’