पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करते हुए एक प्राइवेट अस्पताल के नेफ्रोलॉजी विभाग के प्रमुख सहित 7 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
फरीदाबाद। न्यूज डेस्क । हरियाणा में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला के पति की सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर उसकी किडनी निकाल ली। मामला उस समय सामना जब महिला के पति की सरकारी नौकरी नहीं लगी और वह भागकर थाने पहुंच गई थाने पहुंचते ही हड़कंप मंच गया। पीड़िता की शिकायत दर्ज कर पुलिस ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करते हुए एक प्राइवेट अस्पताल के नेफ्रोलॉजी विभाग के प्रमुख सहित 7 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने कहा कि महिला पलवल की रहने वाली है। उसने सेक्टर 17 पुलिस स्टेशन में शुक्रवार रात मामला दर्ज करवाया है।
पुलिस के मुताबिक, रिंकी सौरोट ने आरोप लगाया कि 2020 में उसने किडनी दान करने के संबंध में सोशल मीडिया पर एक विज्ञापन देखा और एक आरोपी के संपर्क में आई। महिला ने शिकायत में कहा, आरोपी ने मुझसे पूछा कि क्या मैं अपनी किडनी दान करने को तैयार हूं और मैंने मना कर दिया। इसके बाद आरोपी ने मुझे दिल्ली के एक ऑफिस में बुलाया जहां उसके एक सहयोगी ने कहा कि उसे किडनी की सख्त जरूरत है। उन्होंने मुझसे कहा कि अगर मैंने उन्हें अपनी किडनी दी, तो वे मेरे पति को सरकारी नौकरी देंगे। चूंकि मैं आर्थिक तंगी का सामना कर रही थी, इसलिए मैं सहमत हो गई।
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आरोपियों ने जान से मारने की दी धमकी
पीड़िता ने कहा कि उसका ब्लड सैंपल लेने के बाद आरोपी ने उसे और उसके पति को फिर से अपने ऑफिस में बुलाया और उन्हें कई दिनों तक दिल्ली के एक घर में बंद कर दिया। महिला ने शिकायत में कहा, मैंने तब उन्हें अपनी किडनी देने से मना कर दिया, लेकिन उन्होंने हमें जान से मारने की धमकी दी। मैं डर गई और उनकी मांगों को मान लिया। मुख्य आरोपी ने मेरे दस्तावेजों और आईडी पर फर्जी नाम लिखवाया और अपनी पत्नी के नाम पर बदल लिया, लेकिन उन पर मेरी फोटो का इस्तेमाल किया।
उन्होंने मेरे दस्तावेजों पर अपनी पत्नी के नाम का इस्तेमाल करते हुए मैरिज सर्टिफिकेट बना दिया। 2 अगस्त को उन्होंने मुझे सर्जरी के लिए फरीदाबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया और अस्पताल के अधिकारियों की मिलीभगत से मेरी किडनी निकाल दी। कुछ समय बाद मुझे इंफेक्शन हो गया और ऑपरेशन के कारण मैं बीमार पड़ गई। जब मैंने आरोपियों से मदद मांगी तो उन्होंने मुझे जान से मारने की धमकी दी।
पुलिस कर रही मामले की जांच, अभी तक नहीं हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने कहा कि अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, एक निजी अस्पताल के नेफ्रोलॉजी विभाग के प्रमुख और अस्पताल में एक समन्वयक सहित सात लोगों पर मामला दर्ज किया गया है। अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि आरोपी किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट चला रहे थे ।हमने जांच शुरू कर दी है और जांच कर रहे हैं कि क्या आरोपियों ने और पीड़ितों को ठगा है।