ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर और अस्पताल के कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है । इसके साथ ही पूरी घटना के जांच के आदेश दिए गए हैं
नई दिल्ली । जसविंदर सिंह । कर्नाटक के तुमकुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जहां एक गर्भवती महिला को सरकारी अस्पताल में इसलिए नहीं भर्ती किया गया क्योंकि उसके पास आधार कार्ड नहीं था। इसके बाद महिला को वापस अपने घर आना पड़ा और उसने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया लेकिन उनकी हालत इतनी खराब थी कि महिला समेत उन दोनों नवजातों की मौत हो गई।
महिला के पास आधार कार्ड नहीं थादरअसल, यह घटना कर्नाटक के तुमकुर जिले की है। सरकारी तंत्र की असंवेदनशील व्यवस्था और मानवता को शर्मसार करने वाली यह घटना सामने आई है। बताया जा रहा है कि 30 साल की गर्भवती महिला कस्तूरी को जिला अस्पताल में डिलीवरी के लिए सिर्फ इस बात पर एडमिशन नहीं दिया गया कि महिला के पास मेटरनिटी कार्ड या आधार कार्ड नहीं था। इसके बाद महिला घर वापस लौट गई और घर पर ही बच्चे को जन्म देना पड़ा। इसके बाद ऐसा कुछ हुआ कि गुरुवार सुबह ही कस्तूरी और जुड़वा शिशुओं की मौत हो गई।
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डिलीवरी के बाद पहले बच्चे की मौत
स्थानीय लोगों के मुताबिक कस्तूरी को बुधवार शाम लेबर पेन शुरू हो गया था। लोगों ने कुछ पैसे जमा कर एक ऑटो रिक्शा से कस्तूरी को फौरन जिला अस्पताल पहुंचाया लेकिन वहां भर्ती नहीं मिली तो वह घर लौट आई। गुरुवार सुबह उसकी डिलीवरी हुई लेकिन डिलीवरी के बाद ही पहले बच्चे की मौत हो गई। लेकिन दूसरा बच्चा होने के वक्त कस्तूरी की मौत हो गई। दूसरा बच्चा भी मरा हुआ पैदा हुआ।
दूसरा बच्चा मरा पैदा हुआ
स्थानीय लोग इसे जिला अस्पताल की असंवेदनशीलता बता रहे हैं। जिला अस्पताल में एडमिशन के लिए मेटरनिटी कार्ड और आधार कार्ड जरूरी दस्तावेज हैं। लेकिन मानवता दिखाकर कस्तूरी को भर्ती किया जा सकता था। फिलहाल घटना संज्ञान में आने के बाद अब जिला प्रसाशन हरकत में आ गया है । कस्तूरी के घर पर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों सहित पुलिस भी पहुंची है। उधर जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने उस समय ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर और अस्पताल के कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है । इसके साथ ही पूरी घटना के जांच के आदेश दिए गए हैं ।