ओआरएस मात्र एक घोल या पानी नहीं अपितु जीवन रक्षक औषधि है
सेल-भिलाई । जगजीत सिंह । इस्पात संयंत्र के मुख्य चिकित्सालय पंडित जवाहरलाल नेहरू अस्पताल एवं अनुसंधान केन्द्र के बाल एवं शिशु रोग विभाग तथा सीएसआर विभाग ने मिलकर सामाजिक उत्तरदायित्व निभाते हुए दिनांक 29 जुलाई, 2022 को ग्राम कोडिया, जिला दुर्ग में ओआरएस दिवस का आयोजन किया।
ग्राम कोडिया के शासकीय माध्यमिक विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों को ओआरएस यानी जीवन रक्षक घोल के महत्व एवं उपयोग के बारे में जेएलएन अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञों एवं नर्सिंग कॉलेज के छात्राओं द्वारा नुक्कड़ नाटक एवं प्रदर्शनी के माध्यम से जागरूक किया गया।उल्टी दस्त होने पर शरीर में पानी एवं लवण की कमी हो जाती है, जिसके कारण रक्त चाप कम हो जाता है और गुर्दा काम करना बंद कर देता है, जिससे मरीज की स्थिति गंभीर हो जाती है।
लोगों को ओआरएस की जानकारी होते हुए भी लोग इसे मात्र पानी या एक घोल समझते हैं और इसको महत्व नहीं देते है। ओआरएस एक जीवन रक्षक औषधि है जिसे नियमित रूप से सही मात्रा में मरीज को देते रहने से उल्टी दस्त के मरीज की स्थिति को गंभीर होने से बचाया जा सकता है।शिशु रोग विशेषज्ञ व अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ एन एस ठाकुर द्वारा ओआरएस दिवस के महत्व के बारे में संक्षिप्त जानकारी दिया गया।
डॉ कौशिक किशोर एवम डॉ देवी प्रसाद द्वारा विद्यार्थियों को ओआरएस घोल बनाने का प्रशिक्षण भी दिया गया।इस अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं एवं ग्रामीणों द्वारा पोस्टर प्रतियोगिता एवं परिचर्चा का आयोजन किया गया। विषय विशेषज्ञों द्वारा विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों के स्वास्थ्य और जीवन-रक्षक घोल से संबंधित सभी संदेह को दूर किया गया एवं विभिन्न प्रकार के स्वास्थ्य संबंधित शिक्षा प्रदान किया गया। सीएसआर विभाग की कार्मिक श्रीमती रजनी रजक द्वारा छत्तीसगढ़ी गीत के माध्यम से ओआरएस घोल की उपयोगिता एवम आवश्यकता के बारे में लोगों को जागरूक किया गया।
यह कार्यक्रम पंडित जवाहरलाल नेहरु चिकित्सालय एवम अनुसंधान केंद्र के मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रभारी डॉ एम रवींद्रनाथ तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ प्रमोद विनायके के मार्गदर्शन में अस्पताल के शिशु रोग विभागाध्यक्ष डॉ संबिता पंडा, डॉ एन एस ठाकुर एवं डॉ सुबोध साहा तथा निगमित सामाजिक उत्तरदायित्व विभाग के प्रभारी, महाप्रबंधक श्री शिवराजन एवं श्री सुशील कुमार कामड़े के सहयोग से आयोजित किया गया।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में पंडित जवाहरलाल नेहरु चिकित्सालय एवम अनुसंधान केंद्र के सभी शिशु रोग विशेषज्ञों एवं पी जी कॉलेज आफ नर्सिंग के छात्राओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में ग्राम कोडिया के सरपंच श्री चंद्रभान, पंचगण, स्वास्थ्य एवम आँगनबाड़ी कार्यकर्ताओ तथा शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला के प्राचार्य एवम शिक्षक-शिक्षिकाओ का विशेष योगदान रहा।