मुंबई | न्यूज़ डेस्क | मां बाप के तौर आप बच्चों की छोटी छोटी खुशियों का ख्याल रखते हैं और उनकी सुविधा की हर एक चीज उपलब्ध करवाते हैं। कभी कभी यही सुविधाएं उनके लिए हानिकारक भी साबित हो सकती हैं। आंखों हमारे शरीर का बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा होती हैं। यह अगर सही ना रहे तो जिंदगीं में अंधेरा छा जाता है। ऐसे में हमें बचपन से ही बच्चों की सेहत के साथ उनकी आंखों का भी ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है।
ऐसे आप कुछ Parenting Tips पर ध्यान दें और उनके साथ साथ उनकी आंखों का विशेष ख्याल रखें ताकि उनका बचपन और आंखों दोनों सही सलामत रहें।
बच्चों के आंखों की जांच छह महीने के उम्र से ही करवाने की सलाह दी जाती है। आंखों के विकास को ट्रैक करना शुरू करें। यदि कोई समस्या का पता चले तो प्राइमरी उपचार से इसे रोक लें।
स्वस्थ खाने की आदत विकसित करें स्वस्थ खाना खाने के लिए प्रेरित करें। बच्चों की आंखों को सेहतमंद रखने के लिए फल और हरी सब्जियों को भरपूर मात्रा में सेवन करवाएं।
हर दिन कम से कम एक घंटा बाहर बिताएं बाहर खेलने या टहलने से भी उनकी आंखों की मांसपेशियों को आराम मिलेगा। यह मायोपिन जैसी आंखों की स्थिति के जोखिम को कम करता है।
बच्चे जितना अधिक समय कंप्यूटर, टैबलेट, मोबाइल और टीवी पर बिताते हैं, उससे उनकी आंखों की रोशनी की हानि होती है, जिससे धुंधली दृष्टि, ध्यान केंद्रित करने की समस्या और मायोपिया विकसित होने का खतरा बढ़ जाता है।