मुंबई | न्यूज़ डेस्क | कोरोना वायरस के खतरे के बीच ओमिक्रॉन वेरिएंट को इसलिए भी ज्यादा खतरनाक माना जा रहा है क्योंकि यह न सिर्फ तेजी से फैलता है बल्कि इसका असर ठीक होने के बाद भी काफी समय तक रहता है। इस वेरिएंट में एक बार संक्रमित होकर ठीक हुए लोगों में हफ्तों के महीनों तक कोरोना के लक्षण देखे जा रहे हैं। मेडिकल भाषा में इसे लॉन्ग कोविड कहा जाता है। कई मामले में तो ऐसे भी सामने आए हैं, जिनमें रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद भी व्यक्ति में कोविड के कुछ लक्षण लम्बे समय तक दिखाई देते हैं। कई ऐसे लक्षण हैं जो लॉन्ग कोविड की ओर इशारा करते हैं।
नर्व डैमेज
मैसाचुसेट्स जनरल अस्पताल और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के शोधकर्ताओं के अनुसार कोविड के लॉन्ग टर्म लक्षण कमजोरी, हाथ-पैर में दर्द और थकान। कुछ मामलों में हमारे श्वास, रक्त वाहिकाओं और पाचन तंत्र में नसें डैमेज हो जाती हैं। इसके अलावा इन अदरूंनी हिस्सों में दर्द भी रहता है।
डिप्रेशन
यूरोपियन जर्नल ऑफ इंटरनल मेडिसिन में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक डिप्रेशन भी एक ऐसी परेशानी है, जो कोविड से ठीक होने के बाद भी रहती है। जो लोग कभी न कभी कोविड19 या ओमिक्रॉन से संक्रमित हुए हैं, उनमें डिप्रेशन होने की संभावना तीन गुना है। ऐसे लोगों को छोटी-छोटी बातों की चिंता भी सताने लग जाती है।
नींद न आना
दिन भर काम करने के बाद और अच्छी डाइट लेने के बाद भी अगर आपको हर रात नींद से जूझना पड़ता है और आपको कोविड हुआ है, तो समझ लें कि यह भी लॉन्ग टर्म कोविड19 की एक निशानी है। ठीक होने के बाद भी यह समस्या सबसे ज्यादा देखी गई है।
शरीर में खुजली या झुनझुनाहट होना
लॉन्ग कोविड का एक लक्षण यह भी है कि ठीक होने के बाद भी शरीर में कभी-कभी झुनझुनाहट होती रहती है। कभी-कभी शरीर पर रैशेज भी हो जाते हैं। इसमें बार-बार ऐसा लगता है कि शरीर पर कोई चींटी चढ़ रही है या फिर कुछ चिपका हुआ है।
शरीर में खुजली या झुनझुनाहट होना
लॉन्ग कोविड का एक लक्षण यह भी है कि ठीक होने के बाद भी शरीर में कभी-कभी झुनझुनाहट होती रहती है। कभी-कभी शरीर पर रैशेज भी हो जाते हैं। इसमें बार-बार ऐसा लगता है कि शरीर पर कोई चींटी चढ़ रही है या फिर कुछ चिपका हुआ है।