न्यूज़ डेस्क | क्या आपको पता है आपकी एक गलती आपको कितने बड़े मुश्किल में डाल सकता है। वैसे तो कंडोम के इस्तेमाल से बर्थ कंट्रोल और एसटीडी से सुरक्षा मिलती है लेकिन अगर वह फट गया तो इसका परिणाम उल्टा हो जाता है। सेक्सोलॉजिस्ट डॉ. विनोद अरोड़ा बता रहे हैं कि किस तरह से कंडोम फट सकता है या कमजोर हो सकता है। कंडोम के बारे में जानकारी के लिए आपको अगले स्लाइडों पर क्लिक करना होगा।
लुब्रिकेंट का इस्तेमाल न करने पर- अगर सेक्स करते वक्त ज्यादा घर्षण होता है तो इससे इरिटेशन या प्राइवेट पार्ट्स में दर्द तो होता ही है कंडोम के ब्रेक होने का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए सेक्स करते वक्त प्राइवेट पार्ट को लुब्रिकेटेड करना न भूलें।
कंडोम का डेट एक्सपायर होने पर- अगर आपके कंडोम का डेट एक्सपायर हो गया है तो इसका असर नष्ट हो जाता है जिससे प्रेगनेंट होने या एसटीडी होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए खरीदते वक्त कंडोम के पैक पर एक्सपायरी डेट देख लें।
गर्म जगह पर कंडोम रखने पर- एक बात का ध्यान रखें कि कंडोम को कभी भी वालेट या पर्स में न रखें क्योंकि गर्म जगह के प्रभाव से इसका लैटेक्स नष्ट हो सकता है। इसको मेडिसन के कैबिनेट में रखें।
कंडोम फिट न होने पर- अगर आप बहुत ज्यादा छोटा या बड़ा कंडोम इस्तेमाल करते हैं तो उसके फटने या निकल जाने की संभावना रहती है जो प्रेगनेंट होने का खतरे को भी बढ़ाता है।
गलत लुब्रिकेंट का इस्तेमाल करने पर-सेक्स करते वक्त ज्यादा उत्तेजना पाने के लिए कई लोग लुब्रिकेंट के रूप में कोल्ड क्रीम, बेबी ऑयल, पेट्रोलियम जेली या हैंडलोशन का इस्तेमाल करते हैं इससे कंडोम के कमजोर होने या ब्रेक होने का खतरा रहता है।
वैजाइना का मसल टाइट होने पर- कुछ महिलाओं के वैजाइना के मसल्स बहुत टाइट होते है इसलिए सेक्स के वक्त कंडोम के ब्रेक होने का खतरा रहता है। इस प्रॉबल्म से बचने के लिए लुब्रिकेंट का इस्तेमाल करें।