मुंबई | न्यूज़ डेस्क | कोविड-19 संक्रमण के ताजा हालात के मद्देनजर यात्रा पर लगाई गई शर्तों को वापस लिया जा सकता है और नहीं भी। सरकार 25 फरवरी को बैठक बुलाकर इसके लिए नए निर्देश जारी करेगी। इसमें कोविड-19 संक्रमण के ताजा हालात के मद्देनजर यात्रा पर लगाई गई शर्तों को वापस लिया जा सकता है और नहीं भी।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने स्थानीय ट्रेनों में कोविड-19 वैक्सीन की दोनों डोज लेने वाले लोगों को ही यात्रा की अनुमति देने के महाराष्ट्र सरकार के आदेश को अवैध और लोगों के मूल अधिकारों को बेशर्मी से प्रभावित करने वाला करार दिया। महाराष्ट्र सरकार इस संबंध में 25 फरवरी को होने वाली बैठक में निर्णय लेगी।मुख्य न्यायाधीश दिपांकर दत्ता और जस्टिस एमएस कार्णिक की खंडपीठ ने कहा कि मुख्य सचिव सीताराम कुंटे द्वारा हस्ताक्षरित तीनों कानून निर्धारित आपदा प्रबंधन नियमों में स्पष्ट बदलाव हैं और इनके कारण नागरिकों के मूल अधिकारों का उल्लंघन हुआ।
सरकारी वकील अनिल अंतुरकर ने अदालत को बताया कि सरकार के 15 जुलाई, 10 अगस्त व 11 अगस्त के इन आदेशों को वापस ले लिया गया है।
सरकार 25 फरवरी को बैठक बुलाकर इसके लिए नए निर्देश जारी करेगी। इसमें कोविड-19 संक्रमण के ताजा हालात के मद्देनजर यात्रा पर लगाई गई शर्तों को वापस लिया जा सकता है और नहीं भी। इससे ज्यादा मैं कुछ नहीं कह सकता।