मुंबई | न्यूज़ डेस्क | भारत समेत पूरी दुनिया में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन का खतरा बढ़ता जा रहा है। इस वैरिएंट के बढ़ते खतरे ने सरकारों के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग की भी चिंता बढ़ा दी है। यही वजह है कि कई तरह के प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं। यही नहीं इस वैरिएंट से निपटने के लिए भी लगातार शोध और तैयारी चल रही है। इस बीच ओमिक्रॉन वैरिएंट को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल ओमिक्रॉन के नए वैरिएंट को दो नए लक्षणों की पहचान की गई है। ये पहचान ब्रिटेन के एक वैज्ञानिक ने की है। अगर आप में इन दो में से कोई लक्षण अचानक दिखाई देने लगा है तो संभल जाइए।
डेल्टा से कई गुना ज्यादा खतरनाक बताए जा रहे कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट को लेकर हर कोई चिंतित है। यही वजह है कि इस समस्या से निपटने के लिए ज्यादा से ज्यादा शोधकर्ता कोरोना के इस नए वेरिएंट ओमिक्रॉन को लेकर रिसर्च भी कर रहे हैं। सभी कोशिश है कि इस वैरिएंट को ज्यादा ढंग से समझा जा सके ताकि इससे निपटने में आसानी हो। इस बीच एक अच्छी खबर सामने आई है। ओमिक्रॉन के दो नए लक्षणों की पहचान की गई है।
ये पहचान ब्रिटेन में एक शोधकर्ता ने की है। खास बात यह है कि पहचान किए गए ये दोनों नए लक्षण आमतौर पर कोरोना वायरस से जोड़ कर नहीं देखे जाते थे। किंग्स कॉलेज लंदन में जेनेटिक एपिडेमियोलॉजी के प्रोफेसर टिम स्पेक्टर के मुताबिक ओमिक्रॉन से संक्रमण के बाद मरीज में अब उबकाई और भूख न लगना जैसे दो नए लक्षण भी नजर आ सकते हैं।
एक्सप्रेस डॉट सीओ डॉट यूके वेबसाइट के मुताबिक टिम स्पेक्टर ने कहा कि कुछ में उबकाई आना, हल्का बुखार, सोर थ्रोट और सिरदर्द जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं। जबकि अमरीका के सेंटर फॉर डिजिज कंट्रोल ( CDC ) के मुताबिक ओमिक्रॉन जुड़े कुछ सामान्य लक्षण खांसी, थकान, नाक बहना आदि शामिल हैं।
पहले भी किए गए दावे
कोरोना वायरस के खतरनाक वैरिएंट ओमिक्रॉन के लक्षणों को लेकर पहले भी दावे किए जा चुके हैं। बीते सप्ताह, सिंगल सेल डायग्नोस्टिक कंपनी IncellDx के लिए काम करने वाले डॉ ब्रूस पैटरसन ने दावा किया था कि उन्होंने पिछले वैरिएंट की तुलना में ओमिक्रॉन में स्वाद और सूंघने की शक्ति का जाना जैसे लक्षण नहीं देखे हैं।
डॉ पैटरसन ने ये भी दावा किया था कि ओमिक्रॉन असल में पैरैनफ्लुएंजा वायरस जैसा लगता है।