न्यूज़ डेस्क | ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली माताओं को कभी-कभी कुछ समस्याएं भी होती हैं। इनमें से एक समस्या जो न्यू मदर्स में अक्सर दिखायी देती है वह है ब्रेस्टफीडिंग के समय बहुत अधिक दर्द महसूस करना। फीड करानेवाली महिलाओं में ब्रेस्ट में दर्द कई बार इतना गम्भीर होता है कि उनके लिए इसे सह पाना मुश्किल हो जाता है और इसी दर्द के चलते वे बच्चे को भी ठीक तरह से फीड नहीं करा पातीं। इस लेख में पढ़ें ब्रेस्टफीडिंग के दौरान होनेवाली तकलीफों और दर्द के कारण और उनसे राहत के उपायों के बारे में
क्यों होता है ब्रेस्ट में दर्द ?
एक्सपर्ट्स के अनुसार, न्यू मदर्स या बच्चे को दूध पिलानेवाली मांओं को ब्रेस्टफीडिंग के दौरान ब्रेस्ट में दर्द के कई कारण हो सकते हैं। जिनमें प्रमुख कारण ये हो सकते हैं-
हार्मोन्स के स्तर में बदलाव होने पर भी ब्रेस्ट में दर्द की शिकायत हो सकती है।
इसके साथ अधिक मात्रा में ब्रेस्ट मिल्क का उत्पादन भी दर्द की एक वजह हो सकता है। जब यह अतिरिक्त मिल्क ब्रेस्ट से बाहर नहीं निकल पाता तो ब्रेस्ट में दर्द होने लगता है।
कई बार ब्रेस्ट में सूजन की वजह से दर्द हो सकता है।
बच्चे के मुंह या निपल्स और आसपास की स्किन में होने वाले किसी इंफेक्शन के कारण भी महिलाओं को ब्रेस्ट में दर्द हो सकता है।
बहुत चुस्त कपड़े पहनने से भी ब्रेस्ट में दर्द हो सकता है।
ब्रेस्टफीडिंग के दौरान पीरियड्स के आसपास के समय भी बहुत-सी महिलाएं ब्रेस्ट में दर्द की शिकायत करती हैं।
एक्सपर्ट्स के अनुसार, ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाओं में ब्रेस्ट पेन एक बहुत ही कॉमन समस्या है। इस समय होने वाले दर्द के कारणों को समझने के लिए लैक्टेशन एक्सपर्ट या गायनोकोलॉजिस्ट से बात करें|
इसके साथ ही महिलाओं को अक्सर दर्द से राहत के लिए कुछ उपाय आज़माने की सलाह दी जाती है। अपने डॉक्टर से बात करने के बाद उनके परामर्श के अनुसार इन उपायों को आप आज़मा सकती हैं। कुछ ऐसे ही उपाय रहे ये-
बच्चे को दूध पिलाने के बाद हर बार निप्पल्स को अच्छी तरह सूखने दें।
निप्पल्स के आसपास की त्वचा की साफ-सफाई के लिए साबुन का प्रयोग करने से उस एरिया की त्वचा का रूखापन बढ़ता है।
ड्राई स्किन में दर्द अधिक होता है।
बच्चे को फीड कराते समय अपने और बच्चे के लिए सुविधाजनक स्थिति में बैठें।
ब्लड सर्कुलेशन बेहतर रखने के लिए ब्रेस्ट और निप्पल्स की हल्की मसाज करें। इससे, दर्द कम हो सकता है।