न्यूज़ डेस्क | जंगल में लगी आग का धुंआ गर्भस्थ शिशु की सेहत को प्रभावित कर सकता है। एक अध्ययन के निष्कर्षों के मुताबिक जंगल में लगी आग का धुंआ नवजात के कम वजन का कारण बन सकता है। अध्ययन के निष्कर्ष ई लाइफ पत्रिका में प्रकाशित हुए हैं। अध्ययन के निष्कर्ष के मुताबिक गर्भावस्था के दौरान जंगल की आग के धुंए के संपर्क में आना खतरनाक साबित हो सकता है।
निम्न आय वर्ग वाले देशों में कम वजन वालों नवजात व धुंए को लेकर पहला अध्ययन
यह अध्ययन निम्न और मध्यम आय वाले देशों (एलएमआईसी) में जन्म के समय कम वजन और आग के धुएं के बीच संबंध को स्थापित करने वाला पहला अध्ययन है। एलएमआईसी में जहां भी जंगलों, खेत में आग लगती है, वहां पर 90 फीसदी बच्चे कम वजन के साथ पैदा होते हैं, जबकि जंगल की आग, उष्णकटिबंधीय वनों की कटाई और कृषि बायोमास जलना, स्थलीय पारिस्थितिक तंत्र को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अध्ययन को चीन स्थित पेकिंग विश्वविद्यालय ने किया है। विवि के स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ साइंस और इंस्टीट्यूट ऑफ रिप्रोडक्टिव एंड चाइल्ड हेल्थ से पीएचडी कर रहे वह अध्ययन में शामिल जियाजियांगहुई ली ने बताया, जन्म के समय कम वजन वाले शिशुओं को सामान्य वजन वाले नवजात शिशुओं की तुलना में जीवन में कई तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने बताया कि पूर्व के कई अध्ययनों में धुंए की वजह से फेफड़े और दिल को होने वाले नुकसान के बारे में बताया गया है, लेकिन अभी तक गर्भवती महिलाओं पर इन प्रदूषकों के स्वास्थ्य प्रभावों के बारे में अच्छी तरह से पता नहीं था। ऐसे में हमने गर्भस्थ शिशु पर धुंए के असर को जानने के लिए यह अध्ययन किया।
शोधकर्ताओं ने अध्ययन के लिए 54 एलएमआईसी में मां के साथ भाई-बहनों के 108,137 समूहों का मिलान किया। इसके लिए शोधकर्ताओं ने 2000 और 2014 के बीच यूएस एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट द्वारा किए गए सर्वेक्षणों का उपयोग भाई-बहन के वजन और अन्य स्वास्थ्य और जनसांख्यिकीय कारकों के बारे में जानकारी का पता लगाने के लिए किया। इसके बाद शोधकर्ताओं ने ग्लोबल फायर एमिशन डेटाबेस से आग उत्सर्जन के आंकड़ों का उपयोग करके जंगल की आग के प्रदूषकों का आकलन करते हुए एक मॉडल विकसित किया|
शोधकर्ताओं ने विकसित मॉडल और आंकड़ों का विश्लेषण कर पता लगाया है कि एक माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर अग्नि-स्रोत वाले प्रदूषण के संपर्क में आने से गर्भस्थ शिशु का वजन जन्म के समय 2.17 ग्राम तक कम हो सकता है। शोधकर्ताओं ने कहा कि जो गर्भवती मां अधिक प्रदूषण के संपर्क में आई, उनके बच्चे का वजन और कम था।