मुंबई | ऋषि भट्ट | बच्चा हो या बड़ा आजकल यूरिन इंफेक्शन की शिकायत अधिकत्तर लोगों को रहती है। लेकिन महिलाओं में यूरीन इंफेक्शन की शिकायत काफी ज्यादा देखने को मिलती है। टीनऐज के बाद से ही लड़कियों में यूरिन इंफेक्शन का खतरा अधिक देखने को मिलता है।
रिसर्च की मानें तो लगभग 50 प्रतिशत महिलाओं को जीवन में कभी-न-कभी यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन होता ही है। आइए जानते हैं महिलाओं को क्यों होता है यूरिन इंफेक्शन, क्या है इसके कारण, बचाव और घरेलू उपचार।
क्या होता है यूरीन इंफेक्शन -
यूरिन इंफेक्शन यूरिनरी कॉर्ड में होने वाले संक्रमण के कारण होता है, जिसे यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन भी कहा जाता है। मूत्राशय और इसकी नली के बैक्टीरिया से संक्रमित होने पर यू.टी.आई होता है। यह बैक्टीरिया यूरिनरी ट्रैक्ट के जरिए शरीर में घुसकर ब्लैडर व किडनी को नुकसान पहुंचाते हैं। इसके संक्रमण का मुख्य कारण ई-कोलाई बैक्टीरिया होता है।
UTI के कारण-
यूरिन इन्फेक्शन के कई कारण हो सकते हैं- Causes Of UTI
-जब बैक्टीरिया आपके Urethra या Vulva में पहुंच जाए।
- सेक्स के दौरान जब कीटाणु Urethra में चले जाएं।
-पब्लिक या गंदा टॉयलेट इस्तेमाल करने पर इन्फेक्शन हो सकता है। - Genitals को गंदे हाथों से छूने पर।
-जब टॉयलेट वाले गंदे पानी के छींटें आप तक आ जाएं।
यूरिन इंफेक्शन के लक्षण…
-यूरिन इंफेक्शन होने पर पेशाब करते समय बहुत तेज जलन महसूस होती है।
-यूरिन करते समय पेट के निचले हिस्से और कमर में असहनीय पीड़ा होना।
-यूरिन बहुत अधिक पीला या मटमैले रंग का आना।
-यूरिन कम मात्रा में लेकिन थोड़ी-थोड़ी देर बाद आना।
-बहुत तेज प्रेशर महसूस होना लेकिन यूरिन पास करने पर कुछ ड्रॉप या बहुत कम मात्रा में यूरिन आता है।
-यूरिन इंफेक्शन के समय रोगी को थकान अधिक महसूस होना। महिलाएं बिना कोई मेहनत का काम किए भी हर समय थका-थका अनुभव करती हैं।
यूटीआई से बचाव
ये उपाय अपनाकर यूरिन इन्फेक्शन से कर सकते हैं बचाव-
-यूरिन रोकने की कोशिश न करें।
-यूरिन इफेक्शन से बचने के लिए पानी खूब पिएं।
-सेक्स के बाद अपने प्राइवेट पार्ट्स को जरूर साफ करें।
-हमेशा साफ इनर वियर पहनें।
यूटीआई से बचाव के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय
-सेब का सिरका-
यह यूरिन ट्रैक्ट इन्फेक्शन की वजह बनने वाले बैक्टीरिया से बचाव करता है। सेब के सिरके में नींबू का रस और शहद मिलाकर इस्तेमाल करें।
- आंवला-
विटामिन-सी से भरपूर आंवला यूरिन ट्रैक्ट इन्फेक्शन बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकता है। दिन में 4-5 बार आंवले का जूस पिएं।
-क्रैनबेरी जूस -
रोजाना आधा ग्लास क्रैनबेरी जूस पीने से यूरिन इन्फेक्शन से राहत मिलने और बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकने में मदद मिलती है।
-गर्म पानी की सिकाई-
रोजाना गर्म पानी की सिकाई से मूत्राशय का प्रेशर कम होता है और संक्रमण से होने वाले दर्द से भी राहत मिलती है।
-पानी पीएं-
यूरिन इन्फेक्शन से पीड़ित हैं तो रोजाना ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं। इससे राहत मिलने में आसानी होती है।