नई दिल्ली | आकांक्षा त्रिपाठी |कोरोना महामारी के दौर में वैसे तो सभी को मुश्किलों का सामना करना पड़ा है, लेकिन जिनके लिए कोरोना सबसे बड़ी चुनौती आज भी बना हुआ है वो है गर्भवती महिलाएं | इनके लिए मुश्किल इसलिए भी बढ़ जाती है कि क्योंकि इंफेक्शन का असर केवल इन्हें बीमार नहीं करेगा, बल्कि आने वाले बच्चे की जान को भी इससे खतरा है. गर्भवती महिलाओं पर कोरोना के असर को लेकर अभी भी दुनियाभर में शोध जारी है. दैनिक जागरण अखबार में छपी न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक अब एक नई स्टडी में पता चला है कि मां को हुए संक्रमण का असर बच्चे के इम्यून सिस्टम पर पड़ता है |
स्टडी के अनुसार, यदि किसी मां को कोरोना संक्रमण हुआ है, तो उनके शिशुओं में इम्यून सेल्स यानी प्रतिरक्षा कोशिकाएं ज्यादा मजबूत हो सकती है | ये कोशिकाएं यानी सेल्स वायरल संक्रमण में त्वरित प्रतिक्रिया यानी इंस्टेंट रिएक्शन में शामिल होती हैं |
स्टडी में क्या निकला
ब्रिटेन के किंग्स कालेज लंदन के रिसर्चर्स ने कोरोना संक्रमित मांओं से जन्में 30 शिशुओं पर की गई स्टडी के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया है. ये महिलाएं गर्भावस्था के विभिन्न चरणों के दौरान कोरोना की चपेट में आई थीं | नेचर इम्युनोलाजी जर्नल में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, कोरोना संक्रमित माताओं के शिशुओं में इम्यून सेल्स की मात्रा अधिक पाई गई |
रिसर्चर्स का कहना है कि स्टडी में पता चला है कि मां के संक्रमण से शिशु के इम्यून सिस्टम में बदलाव आ जाता है.इसमें यह भी पाया गया है कि मां से गर्भनाल के जरिये गर्भ में पल रहे शिशु में कोरोना के खिलाफ एंटीबाडी पहुंच जाती है |
अभी और रिसर्च की जरूरत
किंग्स कालेज लंदन की रिसर्चर डॉ डीना गिबंस (Dr Deena Gibbons) ने कहा, ‘ स्टडी के डाटा से स्पष्ट होता है कि प्रत्यक्ष संक्रमण के बिना भी शिशु का इम्यून सिस्टम मां से प्रभावित हो सकता है |
रिसर्च करने वालों ने कहा कि मां के संक्रमण को लेकर अभी और स्टडी किए जाने की जरूरत है. यह पता लगाया जाना चाहिए कि माता के संक्रमण से शिशु के इम्यून सिस्टम में क्या बदलाव आता है |
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