न्यूज़ डेस्क | अगर आपका बच्चा 3 साल तक की उम्र का है, तो उसके खाने का खास ख्याल रखें| इतनी उम्र के बच्चों की पसंद का पूरा ध्यान रखें कि वे क्या खाना पसंद करते हैं और क्या नहीं| उन्हें खिलाते समय भी सावधानी बरतनी चाहिए|
जब बच्चा सिर्फ दूध पर निर्भर होता है तब पैरेंट्स को ज्यादा परेशानी नहीं होती, लेकिन जब उसे खाना खिलाने की शुरुआत की जाती है, तो कई दिक्कतें आती हैं| सबसे बड़ी चिंता यह होती है कि पैरेंट्स अपने छोटे बच्चे को क्या खिलाएं जो उसकी रुचि का भी हो और उसकी सेहत को भी फायदा पहुंचाए, क्योंकि जब बच्चे खाना नहीं खाते तो उनकी सेहत को लेकर चिंता होने लगती है. ऐसे में इन बातों का रखें ख्याल|
हेल्थ साइट में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक मांएं शुरू के 6 महीनों तक अपने बच्चे को दूध ही पिलाएं| इसके बाद बच्चे को हल्का खाना देने की शुरुआत करनी चाहिए| इसके लिए उसे जो जल्दी पच जाए वह खिलाना शुरू करें| जैसे अपने बच्चे को सूप पिला सकते हैं| साथ ही फल खिला सकते हैं और पतली खिचड़ी भी दे सकते हैं| वहीं एक साल तक के बच्चे को पकी हुई, मगर कम मसालों, तेल में बनी सब्जियां ही खिलाएं, ताकि बच्चे की सेहत पर बुरा असर न पड़े|
इसके अलावा जब बच्चा दो साल का हो तो उसे कम मसालेदार खाना खिला सकते हैं| बच्चे के खाने में स्ट्रोंग मसाले नहीं होने चाहिए| आज कल जंक फूड्स का चलन है. ज्यादातर लोग इसे खाना पसंद करते हैं| मगर आप बच्चे को इसको न खिलाएं|
यह ध्यान रखें कि बच्चे को तीन साल की उम्र तक घर में बना खाना ही खिलाएं| यह उसकी सेहत के लिए बहुत जरूरी है, क्योंकि बाहर का बना खाना ज्यादा स्पाइसी और तेल वाला होता है| ऐसे में यह उसे नुकसान पहुंचा सकता है| साथ ही बाहर का अन्हेल्दी फूड बच्चे को इन्फेक्शन भी कर सकता है|
यह बच्चे की कच्ची उम्र होती है| इसमें उसके अंग कोमल होते हैं| ऐसे में उसे जल्दी पचने वाला खाना ही खिलाएं| जिसमें कम नमक, मसाले हों| साथ ही बच्चे को तीन साल तक की उम्र में ज्यादा मीठा भी नहीं दिया जाना चाहिए|
अक्सर लोग यह करते हैं कि अपने बच्चे को वही खाना खिला देते हैं जो अन्य लोगों के लिए बना होता है| ऐसे में यह ज्यादा मसालों का खाना या फिर ऐसा खाना जिसे पचाने में बच्चे को दिक्कत हो, इससे बचना चाहिए| इसके लिए जरूरी है कि बच्चे के लिए अलग खाना बनाया जाए|