न्यूज़ डेस्क | ब्रेस्ट पेन की समस्या महिलाओं में आम है। स्तन में दर्द, जकड़न या चुभन महसूस हो, तो दिमाग में गलत ख्याल बिल्कुल न लाएं। इस दर्द को ‘मासटाल्जिया’ के नाम से जाना जाता है। महिलाओं में ब्रेस्ट पेन की समस्या और उनकी वजहों पर आज हमारे साथ जुड़े हैं सेंटर फॉर हेल्थ इनोवेशन एंड पॉलिसी फाउंडेशन के फाउंडर प्रोफेसर रवि मल्होत्रा, जिन्होंने ब्रेस्ट पेन के कारणों पर बात की है।
प्रोफेसर मल्होत्रा ने बताया कि ब्रेस्ट में होने वाले दर्द को तीन तरह का होता है। अगर पीरियड्स आने के पहले आपको दर्द हो, तो उसे सायक्लिक पेन कहा जाता है। वहीं अगर पीरियड्स की दिक्कत नहीं है, तब भी आप दर्द महसूस कर रहे हैं तो इसे नॉन- सायक्लिक पेन कहा जाएगा।
कई महिलाओं में ये समस्या पोस्ट मेनोपॉज देखने को मिलती है। हालांकि कम उम्र में भी फीमेल इस परेशानी का सामना कर सकती हैं। वहीं तीसरे और आखिरी तरह के दर्द को एक्स्ट्रा मेमोरी बताया, यानि परेशानी ब्रेस्ट के आस-आपस के हिस्से में है, जिसका असर ब्रेस्ट पर पड़ रहा है और इसी वजह से उमसें दर्द हो रहा है।
होर्मोनल चेंज की वजह से महिलाओं में अमूमन माहवारी आने के दो से तीन दिन पहले दर्द शुरू होने की समस्या देखी जाती है। शरीर में एस्ट्रोजेन और प्रोजेसटेरोन बढ़ने की वजह से ये पेन होता है। हालांकि पीरियड्स शुरू होने के साथ ही ये खत्म भी हो जाता है। वहीं कुछ महिलाओं में ये दर्द तीन से पांच दिन पहले शुरू होने के मामले भी देखे जाते हैं।
कई बार दर्द ब्रेस्ट में चोट लगने की वजह से भी होता है। साइकिल चलाने की वजह से, खेलते वक्त, किसी एक्सीडेंट या टक्कर की वजह से भी ब्रेस्ट पेन की समस्या होती है। जिसका एहसास हमें कुछ दिनों के बाद होता है। अगर इस दर्द से राहत नहीं मिलती है, तो जरूरी है कि आप जल्द से जल्द डॉक्टर से मिलें।
भारत में ज्यादातर महिलाएं सही ब्रा नहीं पहनती हैं। उन्हें अपने बस्ट साइज का ठीक-ठीक पता नहीं होता है। अगर ब्रेस्ट को ठीक से सपोर्ट नहीं मिलता, तो वो लिगामेंट्स जो ब्रेस्ट को चेस्ट वॉल से जोड़ती है, उसमें खिंचाव आता है, जो दर्द की वजह बन सकता है। इसलिए अगर अब तक आप गलत ब्रा पहनती थीं, तो सबसे पहले उसे बदलिए।
जिस तरह एक्सरसाइज करते हुए हमारे हाथ-पैर पर चोट या ऐंठन की दिक्कत होती है, ऐसा ही हमारे ब्रेस्ट के साथ भी होता है। अगर आप वर्कआउट के दौरान ऐसी एक्सरसाइज कर रही हैं, जिसका जोर ब्रेस्ट पर पड़ता है, तो संभल जाइए, क्योंकि दर्द की एक वजह ये भी हो सकती है।
बच्चे को दूध पिलाने के दौरान भी महिलाओं में ब्रेस्ट पेन की समस्या देखी जाती है। इस परेशानी के लिए बेहतर है कि आप डॉक्टर से मिलें और उनसे समझें कि क्या वजह है, जो फीडिंग के दौरान आपको दर्द से गुजरना पड़ रहा है।
किसी सुबह उठकर अगर आप ब्रेस्ट में दर्द महसूस करती हैं और उस जगह पर छूकर आपको गांठ का एहसास होता है, तो आपको सीस्ट की समस्या हो सकती है। इसके लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है। इन सीस्ट में लिक्विड भरा होता है, लेकिन इससे परेशान होने की जरुरत नहीं है। कुछ दिनों में ये अपने आप ही ठीक हो जाता है, लेकिन सीस्ट की समस्या बनी रहे, तो जरूरी है कि आप डॉ। से मिलें।
ब्रेस्ट कैंसर में दर्द कम ही देखा जाता है। हालांकि ये नामुमकिन नहीं है। इससे बचने में महिलाओं इसलिए भी देर कर देती हैं, क्योंकि उन्हें ऐसी कोई परेशानी नहीं होती, जिसे लेकर उन्हें डॉ से मिलने की जरूरत महसूस हो। फिर भी महिलाओं को चाहिए कि वे समय-समय पर ब्रेस्ट चेक-अप करवाती रहें और ब्रेस्ट कैंसर के लक्षणों के प्रति जागरूक रहें।