दुर्ग | सौरभ कुमार | पुलिस को अपना नाम और पता गलत बताकर पुलिस को खूब छकाने वाला आरोपी अंततः पोलिवे के हत्थे चढ़ गया और जब पुलिस ने अपने रंग दिखाए तब उसने बताया कि जुड़वा होने का फायदा उठाकर उसने पुलिस को कई बार गुमराह किया था। दरअसल भिलाई निवासी रामसिंह को पुलिस ठगी के एक मामले में तलाश कर रही थी लेकिन वह खुद को अ0न हमशक्ल भाई बताकर बच जाता था।
मामला जुलाई 2012 की है जब सुभद्रा नामक एक मितानिन ने राम सिंह के खिलाफ जड़ी बूटी और झाड़फूंक के नामपर 2 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाते हए पुलगांव थाने में FIR दर्ज करवाया था। इस मामले में पुलिस ने दो अन्य सहयोगियों को तो गिरफ्तार कर लिया था लेकिन मुख्य आरोपी राम सिंह फरार था और कई कोशिशों के बाद भी पुलिस की पकड़ में नहीं आ रहा था।
पुलिस के अनुसार साले का जब बयान लिया गया तब पुलिस ने अपना जाल बिछाया और उसे पकड़ लिया। इस मामले में राजमल नेताम, सौरंग सिंह और राहुल नामक व्यक्ति भी नामजद थे। जिसमें से तीन आरोपी तो पुलिस की पकड़ में आ गए लेकिन मुख्य आरोपी राम सिंह पुलिस की पकड़ से दूर था।
पुलिस ने बताया कि राम का एक जुड़वा भी लक्ष्मण भी है, पुलिस जब राम को पकड़ने जाती थी तो वहां लक्ष्मण मिलता था। कई बार आरोपी राम सिंह भी खुद को लक्ष्मण बताकर पुलिस को चकमा दे देता था और अपना गलत पता पुलिस को दे देता था। लेकिन अब वह पुलिस की गिरफ्त मेम आय तब सारा मामला खुल गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है।