मुंबई | न्यूज़ डेस्क | अमेरिका की ग्रेट साल्ट लेक अपने बेहिसाब खारेपन के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है | लेकिन हाल ही में वैज्ञानिकों ने इस खारी झील की सतह के नीचे मीठे पानी का बड़ा भंडार खोजा है | यूटा यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने हवा से किए गए एक खास सर्वे की मदद से इस गुप्त भंडार का पता लगाया है | पता चला कि यहां 3-4 किलोमीटर तक मीठा पानी फैला हो सकता है | संभव है कि यह दायरा 2500 वर्ग किलोमीटर जितना बड़ा हो | इस खोज के बाद अब पानी के संकट से जूझ रहे इलाकों के लिए एक नई उम्मीद जगी है | वैज्ञानिकों ने एयरबोर्न इलेक्ट्रोमैग्नेटिक (AEM) सर्वे का इस्तेमाल करके झील के एक हिस्से की जांच की इस तकनीक में हेलीकॉप्टर की मदद से जमीन के नीचे की बिजली की चालकता और चट्टानों की बनावट को मापा जाता है | चूंकि खारा पानी और मीठा पानी बिजली को अलग-अलग तरह से पास करते हैं, इसलिए डेटा ने साफ कर दिया कि नीचे क्या छिपा है | 
जांच में पाया गया कि झील के नीचे की चट्टानें अचानक काफी गहराई तक धंस गई हैं | इस खाली जगह में रेत और गाद भरी हुई है, जो पूरी तरह से मीठे पानी से लबालब है | जियोफिजिसिस्ट माइकल झदानोव के अनुसार, हमने इस जलाशय की गहराई और विस्तार का सटीक अंदाजा लगा लिया है | शुरुआती अनुमान बताते हैं कि यह मीठा पानी सतह से 3 से 4 किलोमीटर नीचे तक फैला हो सकता है | हालांकि अभी केवल फार्मिंगटन बे इलाके का ही सर्वे हुआ है, लेकिन संकेत बताते हैं कि यह पूरी झील के नीचे हो सकता है | अगर पूरे 2,500 वर्ग किलोमीटर के इलाके में यह पानी मौजूद है, तो इसकी मात्रा हमारी कल्पना से कहीं ज्यादा होगी |
झील के बीच-बीच में अचानक उग आने वाले नरकट (reed) से ढके द्वीपों ने पहले ही शक पैदा कर दिया था | आमतौर पर ऐसी वनस्पति खारे पानी में नहीं उगती, जिससे लगा कि कहीं न कहीं से मीठा पानी रिस रहा है | लेकिन पहली बार किसी सर्वे ने इसकी विशालता की पुष्टि की है | हाइड्रोलॉजिस्ट बिल जॉनसन का कहना है कि मीठे पानी का किनारों पर होना सामान्य था, लेकिन इसका झील के बिल्कुल केंद्र तक फैले होना वास्तव में हैरान करने वाला है | 
पिछले कुछ समय से ग्रेट साल्ट लेक का पानी तेजी से सूख रहा है | इसकी वजह से झील की तली में जमा जहरीली धातुएं धूल बनकर उड़ रही हैं और पास के शहरों में प्रदूषण फैला रही हैं | यह धूल लोगों की सेहत के लिए बड़ा खतरा बन गई है | वैज्ञानिकों का मानना है कि इस नए मिले मीठे पानी का उपयोग इन 'डस्ट हॉटस्पॉट्स' को गीला रखने के लिए किया जा सकता है | इससे जहरीली धूल को उड़ने से रोका जा सकेगा और पर्यावरण को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी | वैज्ञानिकों का मानना है कि इस नए मिले मीठे पानी का उपयोग इन 'डस्ट हॉटस्पॉट्स' को गीला रखने के लिए किया जा सकता है | इससे जहरीली धूल को उड़ने से रोका जा सकेगा और पर्यावरण को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी |