मुंबई | ऋषि भट्ट | ऑस्ट्रेलिया में हाल के दिनों में इंसान के ऊपर सांपों के अटैक का मामला बढ़ा है. इसे लेकर मैक्वेरी यूनिवर्सिटी के एक्सपर्ट्स ने हाल ही खुलासा किया कि सांप इंसान को अपना सेक्स पार्टनर समझ रहे हैं | इसीलिए हमला कर रहे हैं |
ऑस्ट्रेलिया में घरों के अंदर सांप मिलने की खबरें आती रहती है | ये सांप आराम से घरों में छिपे रहते हैं | लेकिन सांप द्वारा अटैक की खबरें काफी कम ही देखने को मिलती थी | लेकिन हाल के दिनों में ऑस्ट्रेलिया से इंसानों के ऊपर सांप के अटैक वाले कई मामले सामने आने लगे. इन अटैक्स में समुद्र में तैरते डाइवर्स पर सबसे ज्यादा हमले हुए हैं | लोग समझ ही नहीं पा रहे थे कि सांप अचानक इतने आक्रामक क्यों हो गए हैं? अब इसका जवाब मिल गया है |
समुद्री सांप हाल में समुद्र में गोताखोरों पर हमला करते नजर आए | इसके पीछे की वजह भी अब पता चल गई है | दरअसल, सांप इंसान को अपना सेक्स पार्टनर समझ हमला कर रहे हैं | ऐसा स्टडी में सामने आया है | ऑस्ट्रेलिया के मैक्वेरी यूनिवर्सिटी के रिसर्च में सामने आया कि सांप डाइवर्स पर अटैक कर उन्हें कई जगह से काट रहे हैं | समुद्री सांप जमीन पर रहने वाले साँपों से ज्यादा जहरीले होते हैं | लेकिन इंसान को काटने के मामले पहले सामने नहीं आते थे | ऐसे मामले अब सामने आने लगे हैं | समुद्री सांप के काटने से 1935 में हुई एक मौत के बाद दूसरा मामला 2018 में आया था | लेकिन हाल में ये मामले काफी बढ़ गए हैं |
समझ रहे हैं लवर्स
ऑस्ट्रेलिया के गोताखोरों ने लगातार हमले की बात मानी है | समुद्री सांप के काटने से मौत के मामले कम होते हैं | लेकिन इसके बाद मांसपेशियों में दर्द, कमजोरी, उलटी और लकवा मारने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं | यूनिवर्सिटी ने अपने रिसर्च पेपर में स्कूबा डाइवर्स पर अटैक का जो कारण बताया, वो बेहद शॉकिंग है | सांप इन्हें अपना पोटेंशियल लवर समझ कर उनपर अटैक कर रहे हैं |
इन जगहों पर कर रहे बाइट
समुद्री सांप लोगों के कमर के नीचे लिपट कर उन्हें काट रहे हैं | स्टडी में बायोलॉजिस्ट टीम लिंच ने पाया कि सांप इंसानों को सेक्स पार्टनर समझ रहे हैं | इस वजह से उनपर हमला कर रहे हैं | इस स्टडी के लिए डॉ लिंच को समुद्री सांप को सौंप दिया था | इस दौरान सांप ने उनपर 13 बार हमला किया | अपनी स्टडी में उन्होंने ये भी कहा कि अगस्त के बाद अटैक के मामले कम हो जाएंगे क्यूंकि उनका मेटिंग पीरियड खत्म हो जाएगा | इसके बाद अटैक के मामले कम हो जाएंगे |