बालाघाट | न्यूज़ डेस्क | मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी राजनांदगांव छत्तीसगढ़ डॉ मिथलेश चौधरी की मेजबानी में आज 05 अगस्त 2021 को बालाघाट म प्र, गढ़चिरोली एवम गोंदिया महाराष्ट्र तथा कांकेर, बालोद एवं कवर्धा एवं राजनांदगांव के सीएमएचओ , डिस्ट्रिक्ट मलेरिया ऑफीसर एवम छत्तीसगढ़ राज्य की स्टेट टीम की मलेरिया नियंत्रण अभियान को लेकर सम्मिलित बैठक हुई।
बैठक में तय किया गया कि मलेरिया के प्रभावी रोकथाम के लिए 16 अगस्त से तीनों राज्यो के सीमावर्ती जिलों बालाघाट,भंडारा, गोंदिया, राजनांदगांव एवम कवर्धा जिलो में संयुक्त अभियान चलाया जाएगा।
मलेरिया की जांच, उपचार एवम रोकथाम के बारे में जन सामान्य को सलाह दी जाएगी। एक सप्ताह का यह संयुक्त अभियान 16 अगस्त से प्रारम्भ होगा। इस बैठक में शामिल होने के लिए बालाघाट के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मनोज पांडे राजनांदगांव गए थे।
मलेरिया रोकथाम के लिए लगाए जा रहे हैं स्वास्थ्य शिविर
स्वास्थ्य विभाग के मार्गदर्शन पर संचालित एम्बेड परियोजना द्वारा आदिवासी बाहुल्य ग्रामों में स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन गत माह की 30 तारीख से किया जा रहा है। एम्बेड परियोजना में ऐसे ही ग्रामों को चिन्हित किया गया था जहां या तो आशा नहीं है अर्थात आशा की नियुक्ति नहीं की गई है या ऐसे ग्राम जिनका वर्षा ऋतु में जिला मुख्यालय से संपर्क कट जाता है।
अभी तक बैहर विकासखंड के सुमेरीखेड़ा, किरनापुर विकासखंड के भगतपुर ग्राम में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जा चुका है। इस श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए आज दिनांक 5 अगस्त को बिरसा विकासखंड के आदिवासी बाहुल्य ग्राम मलधर में स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया।
मलधर शिविर में कुल 50 लोगों की मलेरिया हेतु रक्त जांच की गई, जिनमें से 3 मलेरिया पॉजिटिव रोगी पाए गए जिनका त्वरित इलाज किया गया। एम्बेड परियोजना के कार्यकर्ता सुन्दर मरकाम इस शिविर का संचालन कर रहे थे।
उन्होंने बताया की मलधर ग्राम सोनगुड्डा ग्राम पंचायत के अंतर्गत आता है इस ग्राम में कुल 19 घर हैं जो कि बैगा समाज से है तथा यह ग्राम आशा विहीन ग्राम है एवं इस ग्राम में वर्षा ऋतु में आवागमन का उचित मार्ग ना होने से आमजन को बहुत परेशानी उठानी पड़ती है ।
इसी के मद्देनजर एम्बेड परियोजना एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया और आदिवासी ग्रामीणों को उनके स्वास्थ्य संबंधी सलाह दी गई गांव वासियों को मौसमी बीमारियों जैसे वायरल बुखार, सर्दी, खांसी ,डेंगू एवं मलेरिया के विषय में जानकारी दी गई ग्रामीणों को कोरोना की तीसरी लहर के बारे में भी सचेत किया गया।