बालाघाट | न्यूज़ डेस्क | मानसून आने के साथ ही मच्छर जनित बीमारियों के प्रकोप की आशंका बढ़ जाती है, जिला बालाघाट का जलवायु इस समय मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल है जिसके कारण मच्छर जनित बीमारियों डेंगू और मलेरिया का खतरा बढ़ने कि संभावना रहती है। बालघाट जिले को मलेरिया मुक्त बनाने के लिए जिले में क्रियान्वित एम्बेड परियोजना दिनांक 30 से 10 दिनों का स्वास्थ्य शिविर संचालित कर रही है यह शिविर उन्हीं गांव में लगाए जाएंगे जहां या तो आशा कार्यरत नहीं है या ऐसे गांव जिनका वर्षा ऋतु में जिला मुख्यालय से संपर्क टूट जाता है।
एम्बेड परियोजना ने 153 मलेरिया प्रभावित गांव में से जिससे गांव चिन्हित किए हैं जो मलेरिया की दृष्टि से अति संवेदनशील हैं इन गांवों में आशा कार्यकर्ता की अनुपस्थिति होने के कारण मलेरिया का खतरा और बढ़ जाता है इसलिए एम्बेड परियोजना ने ऐसे संवेदनशील ग्रामों को चिन्हित कर स्वास्थ्य शिविर लगाना नियत किया है। आज दिनांक 30 जुलाई 2021 को जिले के बैहर विकासखंड के वनग्राम सुमेरीखेड़ा में परियोजना द्वारा स्वास्थ्य विभाग के कार्यकर्ताओं संग मिलकर स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया।
जिसमे अन्य बीमारियों के साथ बुखार के रोगियों की रक्त जांच की गई। शिविर में ग्रामीणों ने कोविड-19 के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए स्वास्थ्य कर्मियों से परामर्श लिया। शिविर में 35 लोगों की मलेरिया हेतु रक्त जांच की गई जिसमें एक मलेरिया का रोगी पाया गया, जिसका तुरंत इलाज शुरू कर उसे दवाइयां भी दी गई।
एंबेड परियोजना द्वारा ऐसे ही सुदूर ग्रामीण अंचलों के ग्रामों में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन आगामी 10 दिनों तक किया जाएगा। परियोजना की जिला समन्वयक ने आमजन से अपील की है कि इन शिविरो में अपनी उपस्थिति दर्ज करा कर मौसमी बीमारियों जैसे सर्दी जुखाम वायरल बुखार और मलेरिया जैसी बीमारियों से अपना बचाव करें।