पिछले एक महीने से नहीं लग रहा पहला डोज
भोपाल। न्यूज़ डेस्क | पिछले 1 महीने से कोवैक्सिन के डोज नहीं मिल रहे हैं। पब्लिक भटक रही है। तंग करने वाली बात यह है कि सरकारी पोर्टल cowin.gov.in पर कोवैक्सिन के दूसरे डोज के लिए बुकिंग हो रही है परंतु वैक्सीनेशन सेंटर पर कोवैक्सिन नहीं बल्कि कोविशील्ड मिलती है। इधर सीएम शिवराज सिंह चौहान और उनकी सरकार खुश है कि किसी एक टेस्ट रिपोर्ट में मध्य प्रदेश के नागरिकों की एंटीबॉडी केरल के लोगों से ज्यादा अच्छी पाई गई है।
आपूर्ति नहीं हो रही तो हम कहां से लगाएं: स्वास्थ्य विभाग
प्रदेश में लंबे समय से कोवैक्सिन का पहला डोज लगवाने के लिए लोग परेशान हो रहे हैं। राजधानी में कोवैक्सिन का पिछले एक महीने से पहला डोज नहीं लग रहा। दूसरा डोज लगवाने के लिए भी लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। यह स्थिति अधिकतर जगह बनी हुई है। इसे लेकर अधिकारियों का कहना है कि जुलाई में कोवैक्सिन की आपूर्ति मांग के अनुसार होना था।
दरअसल, गुजरात के अंकलेश्वर और साउथ में कोवैक्सिन का प्रोडक्शन शुरू होना था। यह प्रोडक्शन शुरू नहीं होने से आपूर्ति के अनुसार मांग नहीं हो पा रही। हैदराबाद से हो रहे वैक्सीन का प्रोडक्शन देशभर की मांग के अनुसार पर्याप्त नहीं है। यही कारण है, प्रदेश में कोवैक्सिन की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही।
30 लाख में से मात्र तीन लाख को दूसरा डोज लगा
प्रदेश में अब तक 32 लाख 86 हजार 915 लोगों को कोवैक्सिन के डोज लगे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पिछले एक माह में प्रदेश में करीब 3 लाख ही कोवैक्सिन के डोज सप्लाई हुए हैं। राज्य टीकाकरण अधिकारी संतोष शुक्ला ने बताया, कोवैक्सिन की कम सप्लाई को देखते हुए दूसरे डोज को प्राथमिकता में रखा है। इसके अलावा, कम समय में गर्भवती को कोवैक्सिन लगाई जा रही है।