नागपुर । प्रा.विवेक बांबल। महाराष्ट्र की धरा पर अब बेटियां न केवल शिक्षित होंगी, बल्कि अपनी रक्षा के लिए खुद सक्षम भी बनेंगी । राज्य शिक्षण परिषद और मंत्री दादासाहेब भुसे की पहल पर शुरू हुआ 'रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण' अभियान अब एक बड़े आंदोलन का रूप ले चुका है । इसके तहत राज्य की 15 लाख छात्राओं को प्रशिक्षित कर एक नया विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी चल रही है ।
प्रशिक्षण का स्वरूपः कराटे, योग और सतर्कता अभियान के अंतर्गत केवल शारीरिक बल ही नहीं, बल्कि मानसिक मजबूती पर भी जोर दिया जा रहा है । छात्राओं को कराटे के बुनियादी दांव-पेंच सिखाए जा रहे हैं, ताकि वे किसी भी अप्रिय स्थिति का डटकर मुकाबला कर सकें । प्रशिक्षण सत्र की शुरुआत योगासन और ध्यान से होती है, जिससे छात्राओं की एकाग्रता और निर्णय लेने की क्षमता में सुधार हो सके । 'सोशल अवेकनिंग' सत्र के माध्यम से छात्राओं को समाज में सतर्क रहने, संदिग्ध गतिविधियों को पहचानने और डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक रह सके।