नागपुर । एड अब्दुल अमानी कुरेशी। पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया, नागपुर चैप्टर की ओर से हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर राष्ट्रीय संगोष्ठी तथा हिन्दी पत्रकारिता के दिग्गजों का सत्कार कार्यक्रम आयोजित किया गया
कार्याक्रम की अध्यक्षता
पद्मश्री श्री सत्यनारायण नुवाल अध्यक्ष, सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया लिमिटेड (SIIL), नागपुर ने की, तथा मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. डॉ. कुमुद शर्मा कुलपति, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा उपस्थित थे।
रमन साइंस सेंटर, ऑडिटोरियम, आग्याराम देवी चौक, सुभाष रोड, नागपुर शनिवार : 30 मई2026 को नागपुर चैप्टर की ओर से उवंत मार्तंड के 200 वें वर्ष के उपलक्ष्य में नागपुर में राष्ट्रीय संगोष्ठी तथा वरिष्ठ पत्रकारों का सम्मानित किया गया।यह गरिमामयी आयोजन देश के पहले हिंदी समाचार पत्र उवंत मार्तंड के प्रकाशन के 200 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर किया गया था, जिसका मुख्य विषय भाषाई विवाद से दूर रही है नागपुर की पत्रकारिता था। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई तथा दिवंगत वरिष्व शायर बशीर बद्र को मौन रखकर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
पद्मश्री सत्यनारायण नुवाल ने व्यक्त किए। आज के समय की सबसे बड़ी मांग है। यदि कभी इन दोनों में से किसी एक को चुनना पड़े, तो हमेशा नैतिकता का मार्ग अपनाएं। पत्रकारिता केवल एक पेशा नहीं, बल्कि राष्ट्रहित से जुड़ा एक गंभीर दायित्व है और देशहित से बढ़कर कुछ भी नहीं हो सकता। यह प्रेरक विचार उद्योगपति एवं पद्मश्री सत्यनारायण नुवाल ने व्यक्त किए। वे शनिवार को रमन साइंस सेंटर के ऑडिटोरियम में पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया, नागपुर चैप्टर और हिंदी पत्रकार संघ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं पत्रकार सम्मान समारोह में अध्यक्षीय संबोधन दे रहे थे।
इस ऐतिहासिक अवसर पर पत्रकारिता जगत में उल्लेखनीय योगदान देने वाले वरिष्त पत्रकारों को पौधा, शॉल और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में चंद्रमोहन द्विवेदी, एस.एन. विनोद, आनंद निर्वाण, महेश पुरोहित, कृष्ण नागपाल, अतुल कोटेचा, सुदर्शन चक्रधर, अमित बाजपेयी, मनीष सोनी, नीरज श्रीवास्तव, पूर्णिमापाटील एवं राजेश सिंह का समावेश रहा।प्रमोद सिंह, दीपेन अग्रवाल, प्रशांत जम्यासी, सुनील तिवारी संजय पांडे, नरेंद्र दावडा, जयप्रकाश पारेख, निखिल काकानी, डॉ. संतोष मोदी उपस्थित थे ।
नागपुर में भाषा नहीं अपनापन और संवाद बोलता है - प्रकाश दुबे
दैनिक भास्कर के समूह संपादक प्रकाश दुबे ने नागपुर की अनूठी सांस्कृतिक विरासत को रेखांकित करते हुए कहा कि नागपुर में भाषा कभी विवाद का कारण नहीं बनी, बल्कि हमेशा संवाद का सेतु रही है। उन्होंने वर्ष 2008 के मुंबई के एक घटनाक्रम का स्मरण करते हुए बताया कि संकट के उस दौर में नागपुर ने हिंदी भाषियों को दिल से अपनाया था। नागपुर की यह खूबी है कि यहाँ लोग व्याकरण की परवाह किए बिना सहजता से हिंदी और मराठी दोनों बोलते हैं। यहाँ भाषा अहंकार का नहीं, बल्कि आपसी स्वाभिमान और जुड़ाव का माध्यम है।
भाषाओं का वास्तविक भाईचारा देखना हो तो नागपुर आएं- श्रीपाद अपराजित
वरिष्ठ पत्रकार श्रीपाद अपराजित ने कहा कि नागपुर की सबसे बड़ी विशेषता यहाँ की भाषाओं के बीच का वास्तविक भाईचारा है। यहाँ के नागरिक घर में मराठी और बाहर निकलते ही सहजता से हिंदी बोलते हैं। इस क्षेत्र का ऐतिहासिक और सामाजिक ताना-बाना ऐसा है जहाँ दोनों भाषाओं का विकास एक-दूसरे के पूरक के रूप में हुआ है।
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्षा की कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा ने कहा कि 'उयंत मालैंड' का प्रकाशन काल भले ही छोटा हा हो, लेकिन उसने भारतीय अकारिता को एक नई दिशा दी। उन्होंने नागपुर की आत्मीयता की सराहना करते हुए कहा कि हिंदी और मराठी का मूल भाव एक ही है, जो समाज को जोड़ने का काम करता है।
विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष (पश्चिम) एस. पी. सिंह ने नागपुर को पत्रकारिता के नए मापदंड स्थापित करने पर बधाई दी। पत्रकारीता क्षेत्र से वरिष्ठ पत्रकार विजय फणशीकर ने कहा कि देश के स्वतंत्रता आंदोलन में हिंदी पत्रकारिता की भूमिका मील का पत्थर रही है। जिस कठिन दौर में उदंत मार्तंड का प्रकाशन शुरू हुआ, तब पत्रकारिता व्यवसाय नहीं बल्कि एक 'मिशन' थी। उन्होंने दृढ़ विश्वास व्यक्त किया कि डिजिटल युग के बावजूद मुद्रित शब्दों (प्रिंट मीडिया) का महत्व और विश्वसनीयता हमेशा बनी रहेगी ।
भाषाओं का वास्तविक भाईचारा देखना हो तो नागपुर आएं- श्रीपाद अपराजित
वरिष्ठ पत्रकार श्रीपाद अपराजित ने कहा कि नागपुर की सबसे बड़ी विशेषता यहाँ की भाषाओं के बीच का वास्तविक भाईचारा है। यहाँ के नागरिक घर में मराठी और बाहर निकलते ही सहजता से हिंदी बोलते हैं। इस क्षेत्र का ऐतिहासिक और सामाजिक ताना-बाना ऐसा है जहाँ दोनों भाषाओं का विकास एक-दूसरे के पूरक के रूप में हुआ है।
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्षा की कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा ने कहा कि 'उयंत मालैंड' का प्रकाशन काल भले ही छोटा हा हो, लेकिन उसने भारतीय अकारिता को एक नई दिशा दी। उन्होंने नागपुर की आत्मीयता की सराहना करते हुए कहा कि हिंदी और मराठी का मूल भाव एक ही है, जो समाज को जोड़ने का काम करता है।
विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित राष्ट्रीय उपाध्यक्ष (पश्चिम) श्री एस. पी. सिंह ने नागपुर को पत्रकारिता के नए मापदंड स्थापित करने पर बधाई दी।सर्वश्री यशवंत मोहिते, अखिलेश हलवे, प्रसन्न श्रीवास्तव, शरद मराठे, अनिल गडेकर, तरुण निर्वाण, मधुसूदन देशमुख, टीकाराम शाहू, अमित वाजपेयी व अन्य ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग रहाकार्यक्रम के प्रमुख धुप से सर्वश्री यशवंत मोहिते, अखिलेश हलवे, प्रसन्न श्रीवास्तव, शरद मराठे, अनिल गडेकर, तरुण निर्वाण, मधुसूदन देशमुख, टीकाराम शाहू, अमित वाजपेयी व अन्य ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग किया। हिंदी पत्रकार संघ के सचिव मनीष सोनी ने कार्यक्रम की प्रस्तावना रखी।