मुंबई | ऋषि भट्ट | देश के बाहर रह रहे इंदौर के लोगो ने कोविद के हालात देखते हुए एसोसिएशन के साथ मिलकर ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर मशीन विदेश से भेजने का फैसला किया | करीब 18 लाख की राशि जमा की | सीए संस्था ने अपने सदस्यों के साथ 12 लाख रुपीये जुटाए और 30 लाख में 45 ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटोर मशीन नीदरलैंड से खऱीद ली | वहां की सरकार ने भी आपात स्थिति देखते हुए सारे क्लीयरेंस तत्काल करते हुए केवल 24 घंटे में सभी मशीन 7000 km दूर मुंबई एयरपोर्ट में लैंड करा दी | इसके बाद ब्यूरोक्रेसी और सरकार के जटिल आदेशों में मशीन ढाई दिन तक उलझी रही | आखिरकार करीब 3 लाख की कस्टम ड्यूटी चुकाई गई तब इन्हे मुंबई से रवाना किया गया | रास्ते में चौकी पर भी ट्रक रोका गया और 1000 रुपये की रिश्वत ली गई | बुधवार शाम को मशीने इंदौर सीए ब्रांच पोहोंच पाई और फिर दान में दी जा सकी |
इन शर्तों से नहीं मिल रही टैक्स में छूट
सरकार ने इन मशीनों को टैक्स फ्री करने की घोषणा की थी, लेकिन इसमें कई शर्तें जोड़ दी | शर्त है की मशीन किसी के द्वारा दान की गई हो और कोविद क लिए किसी ट्रस्ट द्वारा बुलाई गई हो, तो ही छूट दी जा सकती है | इस सम्बन्ध में सम्बंधित एरिया के नोडल अधिकारी का सिर्टफिकेट होना चाहिए, लेकिन नोड़ल अधिकारी कौन है, यह नोटिफिकेशन में स्पष्ट नहीं है |
टैक्स की रकम से और मशीन आ सकती थी
सीए एसोसिएशन चेयरमैन कीर्ति जोशी के अनुसार, शर्तें ऐसी हैं की इन्हे पूरा करना काफी मुश्किल है | सिर्टफिकेट के लिए भटकते तो और ७ दिन मशीन नहीं आती | इसके चलते दान की मशीन पर भी ३ लाख टैक्स देना पड़ा | इतनी रकम से और मशीन ला सकते थे |