श्रीगंगानगर | न्यूज़ डेस्क | कोरोना की महामारी में आक्सीजन की स्थिति अभी तक कंट्रोल या यूं कहें कि गंगा नगर हॉस्पिटल वाले चिंतातुर है और लाइन में लगे रहते है।ये स्थिति बेहतर नहीं है।हमारे पास आक्सीजन है पर अधिकारियों की मजबूरी है कि किसी भी जिले या कस्बे से किसी विधायक,मंत्री का फोन आ जाये तो तुरंत उनकी गाड़ी लगाकर सिलेंडर भिजवा दिए जाते है।वहां के मरीज भी हमारे अपने ही है पर पहले यहां के हॉस्पिटलों की सप्लाई पूरी करो फिर बचते है तो भेज दो।सिर्फ अपने तबादले या अपनी सांझ के लिए आक्सीजन सिलेंडर कहीं और जिले या कस्बे में भेजे जाते है तो गलत है।
https://youtu.be/Ophmmh2rca8
अवाम से निवेदन है कि एक एक सिलेंडर का हिसाब खुली किताब की तरह होना चाहिए।जनता को पता लगे कि कितने सिलेंडर गंगा नगर हॉस्पिटल जा रहे है।मांग कितनी है और आपूर्ति कितनी है।और बाहर कहां पर कितने कितने सिलेंडर जा रहे है। यह सुचेतता ही हमे बचाएगी।आज हॉस्पिटल मरीज लेने से मना कर रहे है कारण सिर्फ आक्सीजन का न होना है।अगर आक्सीजन मिलती रहे तो यही हॉस्पिटल दुगने और मरीज ले सकते है।
माननीय विधायक राजकुमार जी गौड़ और दबंग कांग्रेसी नेता अशोक चांडक जी से निवेदन है कि पहले गंगा नगर के हॉस्पिटलों की आक्सीजन की पूर्ति निश्चित कराएं।जो बचे उसे फिर बाकी जिलों में भेजें। दोस्ती यारियां निभाने के लिए दूसरे जिलों में भेजना सरासर गलत है।
आमजन, सेवादार,समाजसेवी,इंकलाबी वीर इस बात पर विशेष ध्यान दें।