एक पति अपनी पत्नी की हत्या कर देने के आरोप में जेल की सजा काटता रहा, और पत्नी बाहर अपने प्रेमी के साथ नई जिंदगी शुरू कर मौज से रह रही थी
आजमगढ़ । न्यूज डेस्क। इस देश में पति-पत्नी के बीच विवाद का होना आम बात है। कहते हैं पति-पत्नी के विवाद में किसी अन्य की एंट्री बेहद खतरनाक साबित होती है। अब सवाल यह उठता है कि वह विवाद कैसा होगा? आमतौर पर पति-पत्नी स्वयं ही अपने विवाद को खत्म कर लेते हैं, लेकिन जब मामला पुलिस तक पहुंचता है तो समाज और कानून का डर पूरे परिवार के इर्द-गिर्द घूमने लगता है। पति-पत्नी के बीच विवाद का एक ऐसा मामला ही आजमगढ़ से सामने आया है। यहां एक पति अपनी पत्नी की हत्या कर देने के आरोप में जेल की सजा काट रहा है और पत्नी किसी और के साथ नई जिंदगी जी रही हो।
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दरअसल मामला कुछ यूं है कि जिस धर्मपत्नी की हत्या के बाद शव गायब करने के आरोप में पति को जेल हुई थी, वह पत्नी अपने प्रेमी के साथ प्रदेश के इटावा में रह रही थी, करीब 13 महीने बाद पत्नी की हत्या और शव गायब करने के आरोप में जेल से छूटे पति ने अपने स्तर से पता लगाते हुए न सिर्फ मामले का खुलासा कर दिया, बल्कि साक्ष्य भी पुलिस को दिए तो पुलिस के पसीने छूट गए और कानूनी जांच पर कई सवाल खड़े हो गए।
2019 में हुई थी रुचि और दीपू की शादी तीसरे की एंट्री बना तकरार का कारण
दो परिवारों की रजामंदी के बाद ही भारत में लड़के-लड़की की शादी करने का प्रचलन है। ऐसा ही हुआ रुचि और दीपू के जीवन में भी, आजमगढ़ के शादीजीयनपुर कोतवाली के मसोना सुखपुर गांव निवासी दीपू की शादी 2019 को मऊ जिले की रहने वाली रुचि से हुई थी। दोनों के बीच तकरार होती रहती थी कि एक दिन रुचि ससुराल से अचानक लापता हो गई। इसकी शिकायत दीपू ने जीयनपुर कोतवाली में दर्ज कराई थी। दूसरी तरफ रुचि की मां माया देवी ने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई कि पुत्री को पति दीपू, ससुर राजेंद्र, जेठानी विनीता दहेज के लिए प्रताड़ित करने के साथ अपहरण कर हत्या के बाद लाश को गायब कर दिया है।
जिसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर दीपू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस तरह दो परिवारों के बीच दरार आ गई, लेकिन दीपू के ससुराल वाले हकीकत से वंचित रहे या फिर शायद जानना नहीं चाहा। नतीजन दीपू जेल की चार दिवारी में अपने ऊपर लगे आरोपों को नकारता रहा।
मरी हुई पत्नी को पति ने जिंदा ढूंढा, फिर खुला तीसरे के एंट्री का खुलासा
पत्नी की हत्या कर शव को ठिकाने लगाने के आरोप में जेल की सजा काटने वाला पति दीपू जब 13 महीने बाद जमानत पर छूटा तो दीपू ने पत्नी की तलाश शुरू कर दी। दीपू को पत्नी की तलाश में कामयाबी हाथ लगी और जो राज सामने आया, उसने दीपू के होश उड़ा दिए। दीपू को तलाश में पता चला कि वह इटावा जिले के इटैली गांव में प्रेमी के साथ रह रही है। पति ने जब पुलिस को साक्ष्य उपलब्ध कराया तो पुलिस ने रूचि को बरामद कर उसका बयान दर्ज किया।
इस मामले में पुलिस के भी पसीने छूट गए, क्योंकि दीपू को जेल भेजने वाली पुलिस थी जिसने दीपू के ससुराल वालों द्वारा फर्जी आरोप के आधार पर दीपू को एक खूंखार अपराधी बना दिया था। जिसने अपनी पत्नी को मारा ही नहीं था। इस मामले का खुलासा सिर्फ एक खुलासा नहीं बल्कि पुलिस के जांच पर भी सवाल उठ गया कि इतने महीनों में क्या पुलिस दीपू की पत्नी का शव भी बरामद नहीं कर पाई और दीपू अपनी जिंदा पत्नी का हत्यारा बन गया।
मामले पर बोले एसपी रूचि की मां ने झूठी रिपोर्ट लिखाई थी
सभी को चौंका देने वाले इस मामले में आजमगढ़ के पुलिस अधीक्षक ने मीडिया को सफाई देते हुए कहा कि इस मामले में पति दीपू की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया और उसकी पत्नी को बरामद किया तो पता चला कि उसने दूसरी शादी कर ली थी। पूरे मामले की जानकारी होते हुए भी रूचि की मां ने झूठी रिपोर्ट लिखाई थी। इस मामले में एक मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। विवेचना की कार्रवाई चल रही है इस मामले में जो भी दोषी शामिल होगा उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी।