हिमाचल प्रदेश के शिमला में वीआईपी नंबर को लेकर इतना क्रेज है कि ऑनलाइन ऑक्शन के दौरान बिडर्स ने एक करोड़ रुपए से ज्यादा की बिड लगा दी। इस चौंका देने वाले खुलासे के बाद मुख्यमंत्री ने भी ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट से जवाब तलब किया है
शिमला। संसार सिंह। हिमाचल प्रदेश में टू-व्हीलर्स इलेक्ट्रिक वाहन का ऑनलाइन ऑक्शन चल रहा है। इस बीच ट्रांसपोर्ट और हाईवे मंत्रालय ने चौंका देने वाली एक जानकारी साझा की है. मंत्रालय ने बताया कि एचपी99-9999 नंबर प्लेट के लिए एक करोड़ रुपए से ज्यादा की पेशकश की गई। मंत्रालय के मुताबिक, ऑनलाइन ऑक्शन के दौरान एक शख्स ने इस फैन्सी नंबर के लिए 1.1 करोड़ का बिड लगाया. इतना ही नहीं, माना जा रहा है कि इस ‘वीआईपी नंबर’ की बिडिंग और भी ज्यादा बढ़ सकती है। एचपी-99 शिमला के कोठाई सब-डिविजन का आरटीओ नंबर है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्रालय के इस चौंके देने वाले खुलासे से सरकारी महकमे में परेशानी बढ़ गई है। मसनल मुख्यमंत्री तक ने इस पर जवाब तलब किया है। बताया जा रहा है कि बिडिंग प्रोसेस में 26 बिडर्स एक्टिव थे, और बिडिंग का प्रोसेस आज, शुक्रवार को खत्मा हो जाएगा। टी-व्हीलर्स के ‘वीआईपी नंबर’ को लेकर सोशल मीडिया भी एक्टिव हो गया और ऑनलाइन कई स्क्रीनशॉट्स भी साझा किए गए हैं।
एक करोड़ के अलावा 21 लाख तक का बिड
सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक स्क्रीनशॉट में देखा जा सकता है कि एक करोड़ रुपए से भी ज्यादा की बिडिंग एचपी99-9999 नंबर को लेकर लगाई गई है। इतना ही नहीं एक टू-व्हीलर्स के नंबर का क्रेज इतना है कि एचपी99-9909 नंबर के लिए भी 21 लाख रुपए की बिड लगाई गई है। वहीं अन्य बड़े बिड्स में 20 लाख, 10 लाख और 9 लाख रुपए से भी ज्यादा कि बिडिंग लगाई गई है। अधिकारियों का कहना है कि हालांकि अभी तय स्पष्ट नहीं है कि शख्स ने स्कूटी के लिए इस नंबर की बिड लगाई है या कार के लिए।
इन्कम टैक्स डिपार्टमेंट से जांच की मांग
अब जब टू-व्हीलर्स के नंबर को लेकर इतना क्रेज है तो लोग यह भी डिमांड कर रहे हैं कि उन बिडर्स की जांच की जाए, जिन्होंने इतनी बड़ी रकम एक टू-व्हीलर्स स्कूटी के नंबर के लिए कहां से आए। लोगों ने विजिलेंस और इन्कम टैक्स डिपार्टमेंट से इस मामले की जांच की मांग की। इस बीच कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि इसके पीछे कुछ रैकेट काम कर रहे थे, जिन्होंने बिडिंग प्रोसेस में इतनी बड़ी रकम की पेशकश की। इस संबंध में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एक रिपोर्ट मांगी है।